बांध परियोजना से निकाले कामगारों ने ददाहू में निकाली रैली

ददाहू (सिरमौर)। रेणुका बांध परियोजना कार्यालय से निकाले गए कामगारों ने बुधवार को परियोजना कार्यालय से लेकर ददाहू तक रैली निकाली। साथ ही मुख्यमंत्री से विस्थापितों के हितों की रक्षा करने की भी गुहार लगाई। बांध परियोजना कार्यालय में कार्यरत 39 कामगारों को बीती 8 अप्रैल को काम से निकाल दिया गया था जिसकी उन्हें पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई। पिछले 10 दिनों से यह कामगार परियोजना कार्यालय के बाहर अपना रोष जाहिर करते रहे लेकिन प्रबंधन ने उनकी एक न सुनी। इसके रोष स्वरूप बुधवार को प्रभावित कामगार सड़कों पर उतर आए।
उन्होंने बांध प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर कई संगीन आरोप लगाए। इस विरोध में उनके साथ बांध जनसंघर्ष समिति, बांध परियोजना समिति, आजीविका बचाओ व किसान सभा आदि संस्थाएं भी शामिल थीं। बुधवार को रोष प्रदर्शन में किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सतपाल मान ने इसे विस्थापितों के हितों से खिलवाड़ करार देते हुए कामगारों को दोबारा काम पर रखने की गुहार लगाई तथा मुख्यमंत्री को इस बारे ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रदर्शन के दौरान कामगार यूनियन के प्रधान मान सिंह ने कहा कि गैर कानूनी ढंग से कामगारों को काम से निकाला गया है। बांध प्रबंधन विस्थापित कामगारों के हितों से खिलवाड़ कर रहा है। रोष प्रदर्शन में प्रदीप कुमार, जगदीश चंद, रामानंद, भगवान सिंह व रोहित सहित अन्य कामगार व विस्थापित उपस्थित थे।
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पूर्व विधायक ने किया कामगारों का समर्थन
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता हृदया राम ने बांध प्रबंधन द्वारा निकाले गए कामगारों का पक्ष लेते हुए बांध प्रबंधन की इस हरकत को गैर कानूनी करार दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कामगार को बिना किसी पूर्व सूचना के काम से नहीं निकाला जा सकता। प्रबंधन राजनैतिक आधार पर कामगारों को काम से निकाल कर सैकड़ों विस्थापित परिवारों के हितों का हनन कर रहा है। प्रबंधन को चाहिए कि वह कामगारों को तुरंत वापस काम पर रखें।

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