
शिमला। पर्यटन सीजन में सैलानियों के साथ लूटखसोट व उन्हें पेश आ रही दिक्कतों को लेकर लगातार प्रकाशित हो रही खबरों पर पर्यटन विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। बुधवार को विभाग की टीम ने तत्तापानी में रीवर राफटिंग आपरेटरों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान राफटिंग को लेकर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी पाए गए।
शिमला में रोमांच के दीवानों की जान जोखिम में है। ततापानी में रीवर राफटिंग करवाने वाले कुछ लोग नियमों कानूनों को धत्ता बता सैलानियों की जान से खिलवाड़ में लगे है। पर्यटन विभाग के इंस्पेक्टर रवि धीमान की अगुवाई में बुधवार को किए गए निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई है। सैलानियों को निमभन स्तरीय खस्ताहाल लाइफ जैकेट पहना कर रीवर राफटिंग करवाई जा रही है। राफ्ट में क्षमता से अधिक टूरिस्टों को सवार कर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। नियमों के अनुसार एक समय में एक साथ दो राफ्ट नदी में उतारने आवश्यक हैं लेकिन नियम की अनदेखी कर सिंगल राफ्ट नदी में उतारा जा रहा है। इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान राफटिंग आपरेटर विभाग की टीम को इंश्योरेंस बांड भी नहीं दिखा पाए हैं। बुधवार को निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग ने खस्ताहाल लाइफ जैकेट के इस्तेमाल के लिए 2 रीवर राफटिंग संचालकों के चालान किए हैं। इसके अतिरिक्त बिना लाइसेंस रीवर राफिटंग करने के आरोप में दो अन्य आपरेटरों के चालान किए गए हैं। पर्यटन विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र जस्टा ने इसकी पुष्टि की है।
– राफटिंग के दौरान जा चुकी है बच्ची की जान
ततापानी में रीवर राफटिंग के दौरान एक बच्ची की जान भी जा चुकी है। सुरक्षा बंदोबस्तों को लेकर बरती जा रही असावधानी के कारण हादसे हुए हैं, बावजूद इसके राफटिंग संचालक मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे।
– उपकरणों की जांच के बाद ही देते हैं परमिट
तत्तापानी शिमला से दूर स्थित है। नियमित निरीक्षण के लिए विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। टूरिस्ट सीजन के दौरान कई कभार चोरी छिपे अवैध रुप से रीवर राफ्टिंग करवाई जाती है। हालांकि साल में दो बार राफ्टिंग के उपकरणों की जांच के बाद ही आपरेटरों को परमिट जारी किए जाते हैं। अवैध रुप से राफ्टिंग करवाने वालों के खिलाफ कार्यवाई के लिए पुलिस को भी लिखा गया है।
– सुरेंद्र जस्टा
उप निदेशक, पर्यटन विभाग
