
लडभड़ोल (मंडी)। सांडापतन में ब्यास की लहरों में डूबे अभय का शव बुधवार दोपहर को पानी से बाहर निकल आया। करीब ढाई बजे उसका शव जैसे ही पानी के ऊपर तैरने लगा, उसे देखकर लोग इकट्ठा हो गए। हैरानी की बात थी कि 15 वर्षीय अभय का शव पानी से बाहर निकलकर उसी जगह तैर रहा था, जहां वह डूबा था, जबकि उसी स्थान पर शव की तलाश में गोताखोर चप्पा-चप्पा छान चुके थे। इस पर लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अभय गत 13 अप्रैल को नहाते हुए नदी में डूब गया था। प्रशासन ने उसकी खोजबीन के लिए नंगल से गोताखोर मंगवाए, लेकिन गोताखोर शव को ढूंढने में नाकामयाब रहे थे। जहां बालक डूबा था, वहां पानी करीब 25-30 फीट गहरा है। नदी में डूबने के बाद से ही युवक के शव की तलाश चल रही थी।
उधर, स्थानीय पंचायत उपप्रधान बलवीर सिंह का कहना है कि नदी में डूबे बालक को ढूंढने के लिए प्रशासन ने पूरी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। नंगल से गोताखोराें को मंगवाया गया, लेकिन उन्होंने भी टालमटोल की है। उल्लेखनीय है कि अभय पुत्र वीरी सिंह निवासी सांडा 13 अप्रैल को दोस्तों के साथ नदी में नहाते हुए डूब गया था। चार दिन बाद बुधवार को उसका शव मिला। इसके बाद व्यास नदी के किनारे ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसडीएम जोगिंद्रनगर किशोरी लाल ने शव के मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। तहसीलदार लडभड़ोल को पीड़ित परिवार को फौरी राहत राशि प्रदान करने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की राशि शीघ्र ही पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
