
धर्मशाला। तहसील इंदौरा के तहत राजस्व विभाग के एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने रंगे हाथ धर दबोचा। आरोप है कि पटवारी जमीन के कागजात के बदले दो हजार रिश्वत की मांग कर रहा था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला के पुलिस अधीक्षक बिमल गुप्ता ने पटवारी को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है।
कांगड़ा जिला विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोगराज ने बताया कि पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त हेडकांस्टेबल हरमिंद्र सिंह ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स में सेवारत उनके दामाद सुरेंद्र सिंह ने जगदीश चंद और सुरेंद्र कौर से 12 कनाल जमीन खरीदी थी। जमीन विक्रेता और क्रेता के बीच जमीन को लेकर एग्रीमेंट भी हो चुका था। इसके बाद इंदौरा के तहत खानपुर सर्कल के पटवारी को जमीन की रजिस्ट्री तथा जमाबंदी उपलब्ध करवाने के लिए कहा। कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद पटवारी जमीन के कागजात देने में आनाकानी करता रहा। बाद में पटवारी ने कागजात के बदले दो हजार रुपये की मांग की। इसकी शिकायत हरमिंद्र सिंह ने विजिलेंस में की। बुधवार को विजिलेंस के इंस्पेक्टर जगदीश चंद, प्रेम चंद और यशपाल की टीम ने मामले की तफ्तीश करते हुए जाल बिछाया। विजिलेंस टीम ने खानपुर के पटवारी गौरव वशिष्ठ को मौके पर दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एएसपी ने बताया कि विजिलेंस टीम ने आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
