पांवटा गुरुद्वारे में लगी श्रद्धालुओं की भीड़

पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में बैशाखी पर्व खूब धूमधाम से मनाया गया। दिन भर गुरुवाणी, रागी व ढाड़ी जत्थों ने गुरु जी के बलिदान समेत महिमा का गुणगान किया। इसी दिन श्री गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। पर्व पर दिन भर अमृत संचार, लंगर व गुरुजी का कीर्तन चलता रहा। विभिन्न प्रांतों से हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में शीश नवाया। हजारों श्रद्धालुओं ने साथ बहती यमुना नदी में पवित्र स्नान किया।
पांवटा गुरुद्वारा कमेटी उपाध्यक्ष हरभजन सिंह, प्रबंधक पांवटा गुरुद्वारा कुलवंत सिंह चौधरी, हरप्रीत सिंह व आत्मा सिंह ने बताया कि बैशाखी त्योहार खालसा पंथ की स्थापना करने वाले दशम गुरु गोविंद सिंह जी से जुड़ा है। इसी दिन गुरु जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।
पंच प्यारों को अमृतपान कराकर लोगों को आत्म विश्वास व गर्व के साथ जीने व अन्याय से लड़ने की भी सीख दी। गुरु जी की नजर में सभी वर्णों के लोग एक समान थे। इसलिए आज के दिन गुुरु जी के बलिदान व नव समाज निर्माण व उत्थान के प्रयासों को याद किया जाता है। गुरुजी ने गुरु ग्रंथ साहिब को ही अपना गुरु मानने को कहा था। आज भी लोग बैशाखी पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।
बैशाखी पर्व को मेहनतकश किसानों से भी जोड़ा जाता है। विभिन्न प्रांतों में लोग इस पर्व को श्रद्धाभाव व उल्लास के साथ मनाते हैं। इसी दिन से किसान अपनी कड़ी मेहनत से तैयार की फसल को खेतों से घर लाने की शुरुआत करते है। बैशाखी पर्व पर पांवटा गुरुद्वारे में सुबह 5 बजे से ही संगतों का तांता लगना शुरू हो गया।

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