टावर बंद, शोपीस बन गए मोबाइल सेट

बिलासपुर। मोबाइल टावर गार्ड यूनियन ने मांगों को लेकर मोरचा खोल दिया है। इसके तहत पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार बुधवार को कंपनी के टावर बंद कर दिए गए। इससे कुछ कंपनियों की मोबाइल सेवा पूर्णतया ठप हो गई है। यूनियन ने वीरवार से उपायुक्त कार्यालय परिसर में धरना शुरू करने का ऐलान भी किया है।
प्रदेश में उक्त कंपनी के मोबाइल टावरों पर तैनात गार्ड अपनी मांगों को लेकर पिछले काफी समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि कंपनी उनका अत्याधिक शोषण कर रही है। आठ घंटे की शिफ्ट के बजाए उनसे लगातार 24 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके एवज में उन्हें नाममात्र सा मानदेय मिल रहा है। ईपीएफ का लाखों रुपए उनके खाते में जमा नहीं हो रहा । अब एक-एक करके मनमाने ढंग से गार्डों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। यूनियन ने मांगों को लेकर गत पांच अप्रैल को बैठक में आंदोलन की रूपरेखा बनाई थी। इसके तहत मांगें पूरी न होने की स्थिति में 10 अप्रैल से टावर बंद करने की चेतावनी दी गई थी। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार बुधवार को यूनियन ने टावर बंद कर दिए। इससे कुछ कंपनियों की मोबाइल सेवा पूर्णतया ठप हो गई। सिग्नल के बगैर उपभोक्ताओं के मोबाइल शोपीस बनकर रह गए हैं।
बुधवार को यूनियन की बैठक लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में की गई। इस बीच कंपनी के कुछ नुमाइंदे भी वहां पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच वार्ता सिरे नहीं चढ़ पाई। यूनियन ने टावर बंद रखने के फैसले पर कायम रहने के साथ ही वीरवार से उपायुक्त कार्यालय परिसर में धरना शुरू करने का ऐलान भी किया है। बैठक में यूनियन के प्रधान विशाल शर्मा, उपप्रधान अमर सिंह, महासचिव चमनलाल, कोषाध्यक्ष सरवण कुमार, संरक्षक पूर्व विधायक केके कौशल, मुख्य सलाहकार प्रवेश चंदेल तथा राधेश्याम, कुलदीप, हेमराज, राजकुमार, मोनी, संजय, प्रकाश चंद, प्यारेलाल, बंसीराम, संजू व प्रकाश आदि गार्डों ने भाग लिया। कंपनी के प्रबंध निदेशक नितेश भट्टी ने कहा कि यूनियन के साथ वार्ता चल रही है।

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