
चंबा। एसपी कार्यालय चंबा में क्राइम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आईजी नार्दन जोन राकेश अग्रवाल ने की। बैठक में एसपी बीएम शर्मा भी उपस्थित रहे। आईजी राकेश अग्रवाल ने सभी गजेटिड और नान गजेटिड पुलिस अधिकारियों से उनके व्यवहार से लेकर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में उनकी सक्रियता को लेकर बातचीत की। उन्होंने खासकर एनजीओ को मुकदमों की जांच में उनकी भूमिका और इन्हें सुलझाने में उनकी सक्रियता को अहमियत देने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एनजीओ को लीडर की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस स्टेशनों में शिकायत दर्ज करवाने आने वाले लोगों की शिकायतें बिना देरी के दर्ज की जाएं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारी खुद भी मौके पर जाएं। इससे केस को हल करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही लोगाें को भी न्याय मिल सकेगा। उन्हाेंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जिला में होने वाली सभाओं में भाग लें और समस्याओं का हल करें। पुलिस विभाग बढ़िया काम कर रहा है। इस काम को और बेहतर तरीके से करने के प्रयास किए जाएं। उन्हाेंने बताया कि पुलिस अधिकारी सीमांत एरिया का दौरा करें और यहां तैनात फोर्स को पेश आ रही दिक्कतों का हल करें। उन्होंने कहा कि बार्डर में तैनात फोर्स को हर संभव सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास अत्याधुनिक हथियार हैं और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर तैनात फोर्स किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। उन्हाेंने कहा कि क्राइम के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस हर संभव संदिग्ध पर नजर रखे। अलग-अलग जगहों में नाकों के दौरान पुलिस आने जाने की तलाशी ले। इससे चरस तस्करी को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस यातायात नियमाें का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले दर्ज न करने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर डीएसपी जितेंद्र चौधरी, डीएसपी रमन शर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
