
भवारना (कांगड़ा)। सांसद राजन सुशांत का कहना है कि मनरेगा के अंतर्गत पंचायतों में छोटे काम करवाने चाहिए और बड़े काम मनरेगा के तहत ही अन्य विभागों के जिम्मे होने चाहिए। मनरेगा के बजट का 50 प्रतिशत हिस्सा पंचायती राज प्रणाली तथा 50 प्रतिशत बजट विभागों के तहत व्यय किया जाना चाहिए, जिससे कार्यों में गुणवत्ता बनी रहे। वह मंगलवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय भवारना में विजिलेंस मानीटरिंग कमेटी की बैठक में संबोधित कर रहे थे।
सांसद ने सभी विभागों के अधिकारियों से अपने-अपने विभाग का लेखा-जोखा तलब किया। सुशांत ने कहा कि मौजूदा समय में पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं का कनसेप्ट फेल हो रहा है। लोगों को जागरूक कर ग्राम सभा की परिभाषा बदलने पर जोर देना होगा। इसके अलावा कहा कि बीडीसी सदस्यों को शक्तियां देने के मुद्दे को दिल्ली में उठाया जाएगा। बैठक में पंचायत प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों तथा जिला परिषद सदस्यों ने सांसद को मनरेगा के तहत पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। सांसद ने कहा कि जायज समस्याओं को वे केंद्र सरकार के ध्यान में लाकर हल करवाने की पूरी कोशिश करेंगे।
जिला परिषद के एक सदस्य ने कहा कि उन्होंने 2011 में मनरेगा के तहत जो बजट डाला था, उसकी जानकारी पंचायतों में सचिव को नहीं होती है। भट्टू समूला के प्रधान ने कहा कि मनरेगा में 60-40 का अनुपात मेनटेन करना बहुत मुश्किल हो रहा है। सांसद ने सभी मांगों व समस्याओं को हल करने की बात कही।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर बीडीओ मोहन दत्त शर्मा, एसडीओ एससी घारिया, बीडीसी अध्यक्ष संजीव राणा, आरएम मनोज कुमार, बीडीसी सदस्य जयपाल, डा. सुरजीत सिंह गुलाटी, शांति शर्मा, जेई संजय सूद, जेई गुलशन कुमार, सीडीपीओ अनिल कौल, प्रधान त्रिलोक राणा, ओमप्रकाश, सतीश कुमार, विमल आचार्य तथा अन्य विभागों के अधिकारी व पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
