90 फीसदी धन नहीं हुआ खर्च

पपरोला (कांगड़ा)। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) बीते साल निर्धारित बजट में से 90 फीसदी धन खर्च करने में नाकाम रही है। बीते साल आरकेएस के तहत अस्पताल में विकास कार्यों व अन्य मदों में करीब 21 लाख रुपये का बजट रखा गया। इसमें से करीब 19 लाख रुपये खर्च ही नहीं हुए।
वहीं चालू वर्ष में अभी तक आरकेएस की बैठक नहीं हुई है, जो अमूमन मार्च-अप्रैल में होती है। इस लेटलतीफी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार आरकेएस के तहत मशीनरी व उपकरण खरीद के लिए करीब 15 लाख रुपये बजट रखा गया था। इसमें से महज 89 हजार रुपये खर्च हुए। फर्नीचर के लिए तय बजट में से भी करीब 2.75 लाख खर्च नहीं किए गए। मोटर वाहन खरीद के लिए रखे करीब 1 लाख रुपये भी व्यय नहीं हुए। अस्पताल के लिए जेनरेटर सेट खरीदने का प्रस्ताव भी सिरे नहीं चढ़ा है। इस कारण बिजली जाने पर मरीजों सहित स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं बीते समय में कई बार आपरेशन भी टालने पड़े हैं। उधर, आयुर्वेद कालेज पपरोला के प्रिंसिपल व आरकेएस की कार्यकारी कमेटी के चेयरमैन डा. वाईके शर्मा का कहना है कि इस बार सरकार के स्तर पर रेट कांट्रेक्ट तय होने के चलते उपकरण खरीद में देरी हुई है। बीच में संबंधित स्टाफ के तबादले व डाक्यूमेंटेशन में देरी के चलते आरकेएस की बैठक लेट हुई है। अगले मंगलवार को आरकेएस की बैठक बुलाई जा रही है। इसमें नई योजनाओं पर चर्चा व बजट का अनुमोदन होगा।

क्या कहते हैं निदेशक
आयुर्वेद विभाग के निदेशक डा. बलवीर बडालिया का कहना है कि आयुर्वेद कालेज के प्रिंसिपल को जल्द आरकेएस की बैठक बुलाने को कहा है। बीते साल आरकेएस का अधिकांश बजट खर्च न होने के मामले में कार्रवाई की जाएगी।

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