9 घंटे बंद रहा शिमला-कालका मार्ग

कंडाघाट (सोलन)। विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलमार्ग तारादेवी के पास लैंड स्लाइड होने से करीब नौ घंटे बाधित रहा। इस दौरान सभी ट्रेनों को रद करना पड़ा। कालका से आने वाली तीन ट्रेन सहित एक रेल कार को भी कंडाघाट व तारादेवी के पास ही रोकना पड़ा। टैक्सी व बसों के माध्यम से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना पड़ा। करीब तीन सौ पर्यटक इस दौरान फंस गए। टैक्सी व बसों के माध्यम से सभी गंतव्य तक पहुंचे। सुबह नौ बजे बाधित ट्रैक शाम करीब छह बजे बहाल हुआ। वहीं रेलवे विभाग की कार्यशैली पर यात्रियों ने सवाल उठाए। कंडाघाट रेलवे इंचार्ज राजेंद्र कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सहूलियत से सभी इंतजाम किए गए थे। प्राकृतिक आपदा के आगे किसका जोर नहीं।

केस वन
फरीदाबाद के भीम सिंह बाबा ने कहा कि वे शिमला कालका ट्रैक पर बड़े चाव से आए थे। ट्रेनों को आधे रास्ते में रोक दिया गया। रेलवे विभाग कर्मचारियों को पहले सूचित करना चाहिए था कि रास्ता बंद है और ट्रेन नहीं जाएगी।
केस टू
लखनऊ के केबी सिद्ध ने कहा कि कंडाघाट आकर उन्हें पता चल रहा है कि आगे रास्ता बंद है। जबकि रास्ता सुबह से ही बंद था। रेलवे प्रशासन की ओर से पहले से इंतजाम होने चाहिए थे। प्रशासन ने यात्रियों को शिमला पंहुचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए हैं।

अहमदाबाद के किशोर कुमार और राजस्थान के रमन कुमार ने कहा कि पर्यटकों के मार्ग दर्शन के लिए कुछ इंतजाम नहीं थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें शिमला जाने के लिए वाहन नसीब हो पाया। यात्रियों ने कंडाघाट से अपने खर्चे पर शिमला का सफर तय किया।

यह रेलसेवा प्रभावित
कालका से रेलमोटर कार नंबर 72451, शिवालिक डिलक्स 52451, कालका शिमला मेल 52456 शिमला के लिए और हिमालय क्वीन शिमला से कालका के रवाना हो चुकी थी। जिसमें 300 से अधिक यात्राी सफर कर रहे थे। इन्हें रोकना पड़ा इस दौरान कालका से आ रही ट्रेनों को कं डाघाट रेलवे स्टेशन और शिमला से आने वाली ट्रेन को जतोग (टुटू) रेलवे स्टेशन के पास ही रोक दिया गया।

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