
जालंधरः चतुर्मास में हिंदू शुभ कार्य नहीं करते , शादी ब्याह नहीं होता , ग्रह प्रवेश नहीं होता , तीर्थाटन नहीं होता और यात्रा भी नहीं होती तो 84 कोसी यात्रा क्यों? क्या सरकार से टकराव मोल ले रही है विहिप? क्या हाई कोर्ट के फैसले के बाद परिकर्मा सही है? क्या विहिप और यूपी सरकार वोट बैंक की राजनीती कर रही है? परंपरा के विरुध जाकर विहिप क्या करना चाहती है।
सरकार से टकराव मोल लेकर हिंदुओं को क्या दर्शाना चाहती है विहिप जबकि इलहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका को यह कर कर ख़ारिज कर दिया है कि इस यात्रा का इन दिनों में निकलने का कोई ओचित्य नहीं हैं क्यूंकि इस दायर याचिका में पुख्ता दस्तावेज दाखिल नहीं किए गए। अदालत ने साफ़ किया कि किसी दस्तावेज से यह साबित नहीं होता कि विहिप इस तरह की परिकर्मा करती आ रही है। 84 कोसी यात्रा को लेकर विहिप के साथ साथ कई राजनितिक दलों और प्रशासन के अपने अपने मत और दावे हैं। इस यात्रा को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास का मानना है की उत्तर प्रदेश सरकार और विहिप wwf की कुश्ती खेल रही है।
कुमार विश्वास का मानना है कि विहिप का इन दिनों में यात्रा का निर्णय हिंदुओं को नुक्सान पहुंचा रहा है। विहिप और सपा सरकार आमने सामने की लड़ाई पर उतारू हो गए हैं। विहिप कहती है की हम यह कर के दिखायेंगें और सपा सरकार कह रही है कर के दिखाओ अगर दोनों की यही मंशा है तो जाहिर है दोनों की साफ़ नहीं मीडिया में चल रही ख़बरों के मुताबिक दोनों ही वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।
विहिप के अशोक सिंघल ने कहा लाखो लोग नहीं बल्कि सिर्फ 200 साधू-संत ही यात्रा कर रहे है इसमें उत्तर प्रदेश सरकार को क्या दिक्कत मगर राज्य सरकार के डीजीपी ने साफ़ कर दिया है कि यह यात्रा किसी कीमत पर नहीं होगी जो लोग आयेंगें गिरफ्तार होंगें। गौरतलब है इस यात्रा पर पुरे देश की निगाहें हैं पूरा देश विहिप और सपा सरकार की नीतियों को समझने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह राजनीती तो नहीं?
आपको बता दें विहिप श्री राम की अयोध्या में जिस यात्रा करने का मन बना कर बैठी है विहिप के राष्ट्रिय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने कहा यात्रा यथावत है और यह हो कर ही रहेगी। पुराने ग्रंथो के मुताबिक इन दिनों यानि चतुर्मास में भगवान् श्री राम ने भी अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी तो सवाल उठता है कि क्या विहिप भगवान् श्री राम से भी ऊपर है? कांग्रेस इसे साफ़ तौर पर राजनीति का नाम दे रही है।
कांग्रेस की रीता बहुगुणा ने कहा इस यात्रा के पीछे संघ और बीजेपी का हाथ है और बीजेपी की नजर दिल्ली गद्दी पर, लेकिन संघ की यह मंशा पूरी नहीं होगी। सपा और विहिप की इस लड़ाई में कहीं न कहीं कांग्रेस को मुद्दा तो मिल गया है, जाहिर है और वो इसे भुनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। यक़ीनन राजनीति तो कांग्रेस भी करेगी? कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी देश में 1992 वाला माहौल बनाना चाहती है जो कि केंद्र की सरकार उनकी इस मंशा को कामयाब नहीं होने देगी।
रविवार यानि कल यूपी में मंजर देखने वाला होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोसी यात्रा पर क्या पुख्ता बंदोबस्त करके बैठी है और दूसरी तरफ विहिप जो यथावत की दुहाई दे रही है हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी क्या करती है? जाहिर है इतना हो-हल्ला करने के बाद विहिप टिक कर तो बैठेगी नहीं और विहिप को चेलेंज देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार यात्रा होने नहीं देगी। हालांकि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के साथ बीजेपी के दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी की बैठक हुई मगर खुल कर सामने कुछ नहीं आ सका कि इन दोनों के बीच 2 घंटे तक बात क्या हुई। तो इंतजार रविवार
