
गोहर (मंडी)। जंजैहली मार्ग पर 80 लाख रुपये की लागत से बगस्याड़ में लोक निर्माण विभाग ने बैली ब्रिज तैयार कर लिया है। दो सप्ताह बाद मंडी-जंजैहली सड़क वाहनों की आवाजाही को सुचारु हो गई है। यातायात सुचारु होने से जंजैहली घाटी के लोगों में खुशी का माहौल है। बगस्याड़ में दो सप्ताह पहले जबाल खड्ड में भयंकर बाढ़ आने के कारण जबाल पुल बह गया था। जिससे जंजैहली घाटी का संपर्क शेष जिले से कट गया था। पुल के टूटने से लोनिवि को करीब एक करोड़ रुपये की चपत लगी थी। अब विभाग ने घाटी के लिए यातायात सुचारु करने के लिए इस पुल की जगह 80 लाख की लागत से बैली ब्रिज का निर्माण करके जंजैहली घाटी को शेष जिला से जोड़ दिया है। इस पुल के टूटने से बगस्याड़ और आसपास के क्षेत्रों में किसानों और बागवानों के उत्पाद मझधार में फंस गए थे। दो सप्ताह में किसानों-बागवानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा था। अब बैली ब्रिज बनने से जंजैहली घाटी के लोग, किसान और बागवान खुश हो गए हैं। क्षेत्र के तेज सिंह ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, मोहर सिंह ठाकुर, आलमू राम, दिनेश कुमार, खुमेश कुमार, महेंद्र ठाकुर, ललित कुमार और लीलाधार ने बताया कि बगस्याड़ में बैली ब्रिज का निर्माण होने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। उधर, मंडी से जंजैहली के लिए नियमित बस सेवा भी सुचारु रूप से चल पड़ी है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके शर्मा ने बगस्याड़ में बैली ब्रिज निर्माण कार्य पूरा होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जंजैहली सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। अब तक सराज घाटी में विभाग को करीब 11 करोड़ का नुकसान हुआ है।
