60 पांडुलिपियों की प्रदर्शनी आज

शिमला। हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के पांडुलिपि रिसोर्स सेंटर की ओर से 9 मई को दोपहर 2 बजे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर शिमला में पांडुलिपि (प्राचीन ग्रंथ) जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। साथ ही आयुर्वेद, ज्योतिष, सांचा, कर्मकांड विषयक लगभग 60 पांडुलिपियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। ये पांडुलिपियां प्रदेश के विभिन्न स्थानों से प्राप्त की गई हैं। निदेशक भाषा संस्कृति एवं सचिव अकादमी डा. अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि शिविर में पांडुलिपि विषयक दो व्याख्यान होंगे। पहला व्याख्यान ‘प्रदेश में पांडुलिपियों की उपलब्धता और उपयोगिता’ विषय पर होगा, जिसे डा. ओमप्रकाश सारस्वत देंगे। दूसरा व्याख्यान ‘पांडुलिपियों के संरक्षण’ विषय पर डा. हरि चौहान का रहेगा। कहा कि राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा वर्ष 2005 में पांडुलिपि रिसोर्स सेंटर की स्थापना की गई थी। अब तक इस सेंटर की ओर से एक लाख तीन हजार पांडुलिपियों की कैटालॉगिंग कर इलेक्ट्रॉनिक डाटा राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन दिल्ली को भेजा जा चुका है। इसके अलावा अनेक जागरूकता शिविर तत्त्वबोध व्याख्यान, प्रदर्शनियां, प्राचीन लिपि प्रशिक्षण शिविर आदि भी आयोजित किए गए हैं। डा. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि पांडुलिपि जागरूकता शिविर और प्रदर्शनी के अतिरिक्त पांडुलिपि मिशन से संबंधित एक सीडी भी दिखाई जाएगी, जिसे राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन दिल्ली की ओर से तैयार किया गया है।

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