58 हजार क्यूसेक पर आई कोसी

रामनगर। आसमान से बरसते पानी से कोसी का जलस्तर सोमवार देर शाम 58 हजार क्यूसेक पहुंच गया। काशीपुर-बुआखाल हाइवे में धनगढ़ी और पनोद समेत कई नालों के उफान पर आने से चार घंटा यातायात ठप रहा। इसके चलते दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। बेतालघाट क्षेत्र से सवारियां भरकर ला रहे एक जीप चालक ने यात्रियों को जबरन निकालना चाहा तो जीप पनोद नाले में फंस गई। जीप में सवार पांच महिलाओं, चार बच्चों को वहां मौजूद उड़ीसा के पर्यटकों ने बहादुरी दिखाकर सुरक्षित निकाल लिया। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता एसके पाठक ने बताया कि कोसी बैराज में शाम 6:30 बजे 58889 क्यूसेक पानी आया है। दोपहर एक बजे तक 60 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बाढ़ से गर्जिया गांव ढिकुली में स्थित पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी के कार्बेट रीवर साईड रिसोर्ट में रेस्टोरेंट का डायनिंग हॉल बह गया। रिसोर्ट मैनेजर मोमिन खान ने बताया कि प्लेटफार्म, लॉन, सात कमरों वाला भूभाग भी बहा है। विद्युतापूर्ति में हुई बाधा से अंधेरा छाने के कारण वास्तविक क्षति का आकलन फिलहाल नहीं हो सका है। कोसी नदी किनारे कई अन्य आवासीय, वाणिज्यिक परिसर भी भूकटाव की जद में हैं। नदी किनारे बसे लोगों को रातभर बहने का भय सताता रहा। जिस कारण उनका सुख, चैन छिन गया।
काशीपुर-बुआखाल नेशनल हाइवे में ग्राम शंकरपुर के पास भारी मात्रा में मलबा आने से दो दिन से यातायात ठप है। वहीं, कार्बेट के बिजरानी और झिरना जोन में नाले उफनाने की वजह से पर्यटकों का प्रवेश रोक दिया गया है। आरक्षण कक्ष प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि अग्रिम आदेशों तक दोनों जोन में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सांवल्दे और ढेला नदी के उफान पर होने से इन इलाकों में रहने वाले लोगों का रामनगर से संपर्क कट गया है।

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