
धर्मशाला। टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। टीएमसी में मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत बजट ही खर्च नहीं हो पाया है। टीएमसी के सूत्रों के अनुसार मरम्मत कार्य पर 54 लाख रुपये का खर्च किया जाना था। राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, मगर लंबे समय से स्वीकृत राशि को अस्पताल प्रशासन मरम्मत कार्य पर खर्च ही नहीं कर पाया है। राशि खर्च न होने पाने से अस्पताल में स्ट्रेचर भी टूटे पड़े हैं। गर्म हवा के लिए लगे एसी भी खराब चल रहे हैं। सर्दी के दो माह बीत गए हैं, मगर एसी की मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है। स्ट्रेचर टूटे होने के कारण मरीजों को पीठ पर उठाकर वार्ड तक छोड़ना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने मरम्मत कार्य के लिए कुछ माह पहले बजट की डिमांड की थी। इस राशि से टूटे बेडों, खराब लाइटों, स्ट्रेचरों, एसी, फर्श की मरम्मत की जानी थी। वहीं, अव्यवस्था को लेकर तीमारदार अस्पताल के एमएस से भी शिकायत कर चुके हैं। तीमारदाराें रेखा देवी, ऊषा देवी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, ज्ञान चंद ने बताया कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल में लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। इससे उपचाराधीन मरीजों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। उधर, टांडा मेडिकल कालेज के एमएस डा. दिनेश सूद ने बताया कि मरम्मत कार्य के लिए 54 लाख रुपये स्वीकृत हैं। जल्द ही अस्पताल में मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इसे लेकर कॉलेज प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है।
