
बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापितों के मजबूरीवश किए कब्जों को नियमित करने के लिए बनी पॉलिसी के बावजूद बुलडोजर चलने का खौफ कम नहीं हुआ है। सिर्फ 150 वर्ग मीटर तक के कब्जों को नियमित करने का प्रावधान होने से कई मजबूर कब्जाधारियों पर तलवार लटक गई है। कब्जे नियमित करने के लिए आवेदन कर चुके लगभग डेढ़ हजार में से 50 फीसदी तक बाहर हो सकते हैं। डेढ़ हजार लोगों की प्रशासन द्वारा बनाई गई सूची में कई लोगों के 150 वर्ग मीटर से अधिक कब्जे हैं। हालांकि, प्रशासन की इस सूची को नए सिरे से रिवाइज करने के लिए राजस्व अधिकारी वेरीफिकेशन करेंगे।
भाखड़ा बांध के निर्माण के लिए अपना सब कुछ गंवाने वाले विस्थापितों पर मरहम लगाने के लिए राज्य सरकार ने स्पेशल पॉलिसी बनाई है। 28 अक्तूबर को इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। अधिसूचना के तहत कब्जे उन्हीं के नियमित होंगे जो वास्तव में विस्थापित हैं। 26 जून 2011 तक अपने कब्जों को नियमित करने के लिए आवेदन करने वाले लगभग 1051 लोगों में से कईयों के पास 150 वर्ग मीटर से अधिक कब्जे हैं। प्रशासन की सूची में इसका स्पष्ट उल्लेख है। ऐसे में अधिक कब्जा करने वालों पर कब्जा छिनने की तलवार लटक गई है। अधिसूचना के अनुसार 2011 के बाद हुए अवैध कब्जे पॉलिसी के दायरे में नहीं आएंगे। यानि पॉलिसी में वही लोग शामिल होंगे, जिन्होंने कब्जों का नियमित करने के लिए पहले आवेदन किए हैं। फिलहाल प्रशासन ने अधिसूचना और विस्थापितों की सूची तहसीलदार और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भेजी है। दोनों अधिकारी सूची को नोटिस बोर्ड में लगाएंगे। इसके लिए सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएगी। इसे जिला की वेबसाइट पर भी डाउनलोड किया जाएगा। इसके बाद सूची की वेरीफिकेशन होगी। इसके आधार पर पॉलिसी के दायरे में आने वाले विस्थापितों की अलग से सूची बनाई जाएगी।
विस्थापितों ने की पॉलिसी पर पुनर्विचार की मांग
बिलासपुर। सर्वदलीय भाखड़ा विस्थापित अधिकार संरक्षण समिति ने इस नीति पर चिंता जताई है। समिति ने इसी महीने बैठक आयोजित करते हुए नीति के बारे में पुन: विचार करने की अपील की है। बैठक में कहा गया था कि सरकार पुनर्वास की परिभाषा स्पष्ट करे। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेशित एवं केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत विस्थापित नीति को यहां भी लागू कर टीसीपी अधिकार क्षेत्र हटाया जाए। समिति के महामंत्री जय कुमार ने कहा है कि जल्द एक प्रतिनिधिमंडल इस सिलसिले में सीएम से मिलेगा।
सूची की होगी वेरीफिकेशन: डीसी
उपायुक्त डा. अजय शर्मा ने कहा कि जो सूची पहले बनाई है वह फाइनल नहीं है। इसकी तहसीलदार और कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद वेरीफिकेशन करेंगे। जिन्होंने प्लाट खरीदे हैं या ट्रांसफर किए हैं वह इस पॉलिसी के दायरे में नहीं आएंगे।
