
नेरचौक (मंडी)। सुदरनगर से मंडी तक सुकेती खड्ड का चैनेलाइजेशन किया जाएगा। इसकी प्रारंभिक डीपीआर आईपीएच विभाग ने तैयार कर ली है। इस पर करीब 339 करोड़ की राशि खर्च किया जाना प्रस्तावित है। चैनेलाइजेशन 23 किलोमीटर तक होगा। इस प्रोजेक्ट में 15 नालों को भी शामिल किया गया है।
आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी के दिशानिर्देश के चलते चीफ इंजीनियर आरपी टंडन, अधीक्षण अभियंता आरके मल्होत्रा, अधिशासी अभियंता केआर कुल्वी, एसडीओ रमेश ठाकुर और अन्य सदस्यों ने इस प्रारंभिक डीपीआर को तैयार किया है।
अधिशासी अभियंता आरके कुल्वी ने बताया कि मीनी पंजाब के नाम से मशहूर बल्ह घाटी में बरसात के दौरान आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए चैनेलाइजेशन किया जाएगा। सुकेती के साथ 15 नालों के तटों भी इस दौरान सुरक्षित करना है। लोहारा खड्ड, गागल नाला, भडयाल नाला और अन्य नालों को इसमें शामिल किया है। इस माह के अंत तक सीडब्ल्यू और पीआरएफ पूणे से टीम यहां आ रही है। वे इस मॉडल और डाटा की स्टडी करेंगे। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी का कहना है कि उनका सपना है कि बल्ह एक आदर्श हलका बनें। किसान खेती से रोजी रोटी कमाते हैं। सुकेती में बाढ़ से हर साल किसानों को लाखों की क्षति झेलनी पड़ती है। चैनेलाईजेशन से किसानों की समस्या खत्म हो जाएगी। शीघ्र ही चैनेलाईजेशन कार्य शुरू कर देंगे।
