
फर्रखाबाद: उत्तर प्रदेश यात्रा पर निकले प्रमुख समाज सेवी अन्ना हजारे ने कहा कि हमारे देश की गरीबी रेखा का निर्धारण करने वाले सभी नेता पहले अपनी संपत्ति सार्वजनिक करें, इसके बाद 33 रुपए में अपने परिवार का पालन-पोषण करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि 33 रुपए में खाना तो दूर की बात है नेता चाय भी नहीं पी सकेंगे।
दूसरी तरफ हजारे ने मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईमानदारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मोदी अच्छे व्यक्ति नहीं हैं क्योंकि यदि वह अच्छे होते और गुजरात में पूरी तरह भ्रष्टाचार समाप्त करने के पक्षधर होते तो वहां लोकायुक्त की नियुक्ति कर चुके होते। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं कर मोदी ने अपने को स्वयं कटघरे में खडा कर लिया।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने जब लोकायुक्त की नियुक्ति स्वयं नहीं की है तो उनसे देश से भ्रष्टाचार समाप्त करने की अपेक्षा कै से की जा सकती है। उन्होंने क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व से देश को खतरा बताया और कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से क्षेत्रीय दल अपने अपने सांसद चुनकर पहुंचाते हैं और वे केन्द्र सरकार पर दबाव बनाते हैं जबकि देश में राष्ट्रीय स्तर की नीति होनी चाहिए।
