32 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं!

32 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं!

नई दिल्ली: योजना आयोग के नये आंकड़ों के मुताबिक देश की आबादी में गरीबों का अनुपात 2011-12 में घटकर 21.9 प्रतिशत पर आ गया। यह 2004-05 में 37.2 प्रतिशत पर था। योजना आयोग ने एक प्रकार से अपने पूर्व के विवादास्पद गरीबी गणना के तरीके के आधार पर ही यह आंकड़ा निकाला है। सरकार के आंकड़े के मुताबिक गरीबों की कुल संख्या में करीब 35 फीसदी की गिरावट आई है।

योजना आयोग ने जो गरीबी का आंकड़ा दिया है, वह उसी गणना के तरीके पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि पिछले सात साल में देश में गरीबों की संख्या घटी है। आयोग ने कहा कि पांच व्यक्तियों के परिवार में खपत खर्च के हिसाब से अखिल भारतीय गरीबी की रेखा ग्रामीण इलाकों के लिए 4,080 रुपये मासिक और शहरों में 5,000 रुपये मासिक होगी।

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