
बागेश्वर। विद्यालयी शिक्षा योजना में मंगलवार को राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता संपन्न हो गई। मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो बेहतरीन विकल्प है। बागेश्वर के खिलाड़ी 31 स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियन बने।
पिंडारी मार्ग के इंडोर स्टेडियम में दो दिन तक ताइक्वांडो प्रतियोगिता चली। जिसमें बागेश्वर के खिलाड़ियों ने 31 स्वर्ण पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। चंपावत के खिलाड़ी सात स्वर्ण पदक के साथ दूसरे और नैनीताल पांच स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह पिथौरागढ़ ने पांच स्वर्ण, अल्मोड़ा ने चार स्वर्ण, ऊधमसिंहनगर ने पांच स्वर्ण पदक जीते। मुख्य अतिथि श्रीमती रावल ने खिलाड़ियों में पदक बांटे। जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष हीरा सिंह धपोला ने कहा कि ताइक्वांडो जिले का मुख्य खेल है। इसी वजह से जिले को आठ बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संयोजक मुख्य शिक्षा अधिकारी आरपी आर्या ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया। सह संयोजक और जीआईसी तुपेड़ के प्रधानाचार्य केआर आर्या ने कहा कि विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करेंगे। निर्णायक की भूमिका कोच कमलेश तिवारी, अशोक बनकोटी, मनोज रावत, एनडी पांडे, मो. नसीम, किरन नेगी, गुंजन बाला, ललित नेगी, और जिला खेल समन्वयक कुंदन कालाकोटी ने निभाई। संचालन नारायण सिंह हरड़िया ने किया। प्रतियोगिता का अभिलेख विभाग प्रदीप जोशी, हेम चंद्र पंत, मोहन लाल साह और सीमा ममगई ने संभाला। इस अवसर पर जिला जिला ताइक्वांडो के उपाध्यक्ष अनिल कार्की, सचिव डीएस परिहार सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और कर्मचारी आदि मौजूद थे।
कई असुविधा का सामना करना पड़ा खिलाड़ियों को
बागेश्वर। राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता संपन्न तो हो गई है। लेकिन यहां बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इंडोर स्टेडियम में एक मात्र शौचालय खिलाड़ियों के लिए खोला गया। जिस कारण खिलाड़ी खासे परेशान रहे। इसके अलावा खिलाड़ियों को स्थायी चेंजिंग रूम भी नहीं मिल सका। उन्होंने अस्थायी बने चेंजिंग रूम से काम चलाया। पिथौरागढ़ से आए खिलाड़ियों ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी उन्हें सुबह महससू हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। खिलाड़ियों को सुविधाएं मिलनी चाहिए।
