300 विद्यार्थियों की मार्कशीट लापता!

हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। एमबीपीजी कालेज के बीए प्रथम वर्ष के करीब 300 से अधिक छात्र-छात्राओं की मार्कशीट लापता होने को लेकर कालेज में हंगामे की स्थिति पैदा हो गई है। विद्यार्थियों के शोर शराबे को देखते हुए कालेज प्रशासन ने नेट से निकाली गई मार्कशीट की प्रति से बीए द्वितीय वर्ष कक्षा में एडमिशन लेने की छूट दे दी है।
मालूम हो कि एमबीपीजी कालेज के 3200 रेगुलर विद्यार्थियों ने बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दी थी। इन विद्यार्थियों का परीक्षाफल तो कुमाऊं विश्वविद्यालय ने अगस्त के तीसरे सप्ताह में घोषित कर दिया था लेकिन मार्कशीट काफी समय तक नहीं भेजीं। बाद में 29 अगस्त को कुमाऊं विश्वविद्यालय से बीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की मार्कशीट पहुंची तो उसमें से सिरीज की सैकड़ों मार्कशीट गायब देख कालेज कर्मचारियों के होश उड़ गए। इस बारे में विवि कार्यालय पूछा गया तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इधर, एडमिशन की अंतिम तिथि की वजह से बीए के छात्र-छात्राओं ने मार्कशीट वितरण को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। काउंटर से किसी छात्र को मार्कशीट मिली किसी को नहीं। इससे उनमें आक्रोश पैदा हो गया। किसी तरह कालेज प्रशासन ने मार्कशीट जल्द मंगाने का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। बताते हैं कि बीए की मार्कशीट के बंडल से रोल नंबर 13306781 से लेकर 13307169 तक की मार्कशीट नहीं थीं। कालेज के प्राचार्य डा. बीसी मेलकानी ने कुमाऊं विवि को इसकी जानकारी देते हुए पत्र भेजा तो विवि का परीक्षा विभाग हरकत में आया और करीब सौ मार्कशीटें विश्वविद्यालय कार्यालय से भेज दी गईं। बावजूद इसमें से तीन सौ विद्यार्थियों की मार्कशीटें अभी तक नहीं पहुंची हैं। इससे छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं। इस संबंध में प्राचार्य डा. मेलकानी ने बताया कि मार्कशीट के अभाव में बीए प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने वाला कोई विद्यार्थी एडमिशन लेने से वंचित न रह जाए, इसके लिए इंटरनेट पर जारी मार्कशीट की प्रति के जरिए बीए द्वितीय वर्ष की कक्षा में एडमिशन लेने की छूट दे दी है। बाकी मार्कशीट के बारे में विवि प्रशासन को लिखा गया है। उधर, विवि की लापरवाही की वजह से विद्यार्थियों की परेशानी के विषय में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. एचएस धामी से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल फोन नहीं मिल सका।

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