
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। पोटेटो सोसायटी ने किसानों पर लाखों रुपये की रिकवरी डाली है। सोसाइटी ने 276 किसानों को नोटिस जारी कर 84 लाख रुपये जल्द सोसाइटी को लौटाने के आदेश दिए हैं। नोटिसों से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2011 में लाहौल घाटी के किसानों ने अपनी ही सोसाइटी एलपीएस को आलू की लाखों बोरियों भेजीं थीं लेकिन सही मार्केटिंग न होने के कारण 20 हजार के करीब आलू की बोरियां सोसाइटी के ग्राउंड में ही पड़ी-पड़ी सड़ गई थीं। वहीं के प्रबंधकों का कहना है कि किसानों ने वर्ष 2011 में एडवांस राशि लेकर 2012 में आलू बीज की आपूर्ति नहीं की थी। लिहाजा सोसाइटी उसी राशि की रिकवरी कर रहा है।
नोटिसों में किसानों को दर्शाई राशि एक सप्ताह के भीतर 14 फीसदी ब्याज सहित सभा के कार्यालय में जमा करवाने को कहा है। राशि जमा न करने की सूरत में सभा किसानों से राशि की उगाई के लिए उनके खिलाफ हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में ला सकती है। किसान सोनम छोएतल, राजकुमार, वीर चंद और प्रेम लाल ने कहा कि उस दौरान लाहौल पोटेटो सोसाइटी ने जगह-जगह सूचना चस्पां कर और अपने डायरेक्टरों को किसानों के बीच भेजकर आलू की फसल एलपीएस को भेजने की सिफारिश की थी। इस दौरान सोसाइटी ने किसानों को पांच सौ रुपये प्रति कट्टा रेट देने का ऐलान किया था। सैकड़ों किसानों ने एलपीएस को आलू भी भेजा। सही मार्केटिंग न होने के कारण 20 हजार आलू की बोरियां सोसाइटी के मैदान में ही सड़ गई थीं।
एलपीएस के मैनेजिंग डायरेक्टर अमर चंद डोगरा ने बताया कि वर्ष 2011 में इन किसानों ने एडवांस राशि लेने के बाद 2012 में एलपीएस को आलू नहीं भेजा था। सोसाइटी ने बैंक से कर्ज लेकर किसानों को एडवांस राशि दी थी। इस कारण किसानों को नोटिस भेजे हैं।
