
बिलासपुर। डीजल व स्पेयर पार्ट्स आदि के दामों में हो रही वृद्धि की तुलना में किराया न बढ़ने से खफा निजी बस आपरेटर संघर्ष का बिगुल बजाने की तैयारी में हैं। किराये में वृद्धि की मांग को लेकर बस ऑपरेटर 26 अगस्त को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। प्रदेश स्तर पर होने वाली इस हड़ताल के चलते आगामी सोमवार को लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वीरवार को बिलासपुर बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष रणवीर सेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि वर्ष 2009 में डीजल के दाम 31 रुपये प्रति लीटर थे। उस समय तत्कालीन धूमल सरकार ने बस किराये में 25 फीसदी वृद्धि की थी। चार वर्षों में डीजल के दाम 52 रुपये प्रति लीटर हो चुके हैं। पुर्जे, टायरों, तेल और इंश्योरेंस की दरें भी बढ़कर लगभग दुगनी हो चुकी हैं, लेकिन बसों के किराये में कोई इजाफा नहीं किया गया।
रणवीर सेन ने कहा कि प्रदेश भर में लोगों को परिवहन सुविधा मुहैया कराने में निजी बसें अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन आपरेटरों की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई जा रही। एक बस मालिक लगभग 20 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मुहैया कराता है, लेकिन सरकार बस ऑपरेटरों को ही खत्म करने पर आमादा है। परिवार का पालन-पोषण करना तो दूर, बैंकों से लिया गया ऋण वापस लौटाना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। सरकार की तंद्रा भंग करने के लिए प्रदेश स्तर पर लिए गए निर्णय के अनुरूप बिलासपुर के निजी बस ऑपरेटर किराये में वृद्धि की मांग को लेकर 26 अगस्त को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। उन्होंने सभी ऑपरेटरों से हक की इस लड़ाई में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। बैठक में अनिल चंदेल, अशोक, अनिल कुमार, चुनीलाल, तेज सिंह, अजय, श्याम सिंह, सोहन सिंह, हरगोपाल भंडारी, किशोरीलाल शर्मा, विजय राम शर्मा, जीवन सिंह, तरसेम सिंह व नवीन आदि ने भाग लिया।
