
बागेश्वर। ग्राम पंचायत खुनौली के बहाली तोक के ग्रामीण पिछले पांच साल से विस्थापन की बाट जोह रहे हैं। गत दिनों आए भूस्खलन से गांव के 12 परिवारों ने बच्चों समेत छिड़िया के जंगल में शरण ले रखी है। वह वहां भी दहशत में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विस्थापन होने तक सरकारी भवनों में इंतजाम करने की मांग की है। बहाली तोक में अभी भी 25 परिवार मौत के साये में रह रहे हैं।
बहाली तोक के चारों ओर से भूस्खलन हो रहा है। जिस कारण पूरा गांव खतरे में है। जिस जगह उनके घर हैं, उसके नीचे की जमीन दरक रही है। 12 परिवारों ने अपने बच्चे, जानवर समेत गांव छोड़ दिया है। उन्होंने पास के छिड़िकिया जंगल में शरण ले रखी है। ग्रामीणों ने बताया कि 2005 से उनके गांव को विस्थापित करने का आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि जब से उन्होंने गांव छोड़ा है तब से वह भूखे प्यासे जीवन यापन कर रहे हैं। सभी लोग श्रमिक हैं। वे काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद है। ग्राम प्रधान विनय जोशी ने कहा कि चार दिन से ग्रामीण परेशान हैं लेकिन प्रशासन ने पालीथिन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है। ग्रामीण जानवरों की जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि जिस जंगल में वह रह रहे हैं वहां सोमवार की रात गुलदार पहुंच गया। होहल्ला कर उन्होंने अपनी जान बचाई। उन्होंने प्रशासन से विस्थापन होने तक किसी सराकरी भवन में उनकी व्यवस्था करने की मांग की है।
