23 स्कूल में 23 शिक्षकों के पद खाली

सोलन / भोजनगर। प्रारंभिक शिक्षा खंड रामशहर। यहां पर प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई रामभरोसे चल रही है। 23 स्कूलों में कई सालों से अध्यापकों के 23 पद खाली चल रहे हैं और कई स्कूलों में 6 से 7 साल से अध्यापकों के खाली पदों पर भर्ती नहीं हुई है।
हालांकि यहां भी सड़क के नजदीक वाले स्कूलों में अध्यापकों की कोई कमी नहीं है। लेकिन खास बात है कि यहां कोई सरप्लस शिक्षक नहीं है। वहीं दूरदराज के स्कूल एक एक अध्यापक के सहारे ही चल रहे हैं। जिला सोलन में रामशहर ही एक मात्र ऐसा ब्लॉक है जहां पर कोई सरप्लस अध्यापक नहीं है। जो स्कूल यहां खाली पड़े हैं वहां भी कोई अध्यापक जाने के लिए तैयार नहीं है। रामशहर ब्लॉक में आरटीआई से जुटाए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि 23 स्कूलों में अध्यापकों की कमी से पढ़ाई बाधित बाधित हो रही है। जिसमें सभी 23 स्कूल मात्र एक शिक्षक के सहारे हैं।खाली स्कूल
प्राथमिक पाठशाला जुमाखड़ में 7 साल से अध्यापक का एक पद खाली पड़ा हुआ है। धारमाणा स्कूल में 6 साल से, विपड़विसियां स्कूल में 3 साल से अध्यापक नहीं है। वहीं बड़ोआ स्कूल में 3 साल, बढल में 2 साल, कासला में 2 साल, जाण्डु में 2 साल और मकंडोनज मराड़ी में 2 साल से अध्यापक नहीं है।

सरप्लस स्कूल
प्रारंभिक शिक्षा खंड रामशहर में धर्मपुर ब्लॉक, कंडाघाट ब्लॉक, कुठाड़ और अर्की की तरह सरप्लस स्टाफ नहीं है। यहां पर तो 23 स्कूल केवल एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यह सभी स्कूल सड़कों से दूर हैं और यातायात के साधन भी बहुत कम हैं। इसीलिए यहां कोई भी अध्यापक नहीं जाना चाहता है।

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