
घनसाली(टिहरी)। बूढ़ाकेदार में बनी विशन-थाती नहर पर के मरम्मत पर 22 लाख खर्च होने के बाद भी उस पर पानी नहीं चल पाया है। काश्तकारों की बीस हेक्टेयर भूमि बंजर पड़ी है। काश्तकारों ने जल्द नहर से सिंचाई के लिए पानी न मिलने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रखंड के थाती गांव के करीब 20 हेक्टेयर सिंचित भूमि के लिए सिंचाई विभाग ने दशकों पहले विशन-थाती साढ़े सात किमी नहर का निर्माण किया था। लेकिन वर्ष 2010 में भूस्खलन से नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद विभाग ने बिना निविदा के ही नहर की मरम्मत पर 22 लाख खर्च कर डाले। बावजूद नहर पर पानी की एक बूंद भी नहीं चल पाई। काश्तकारों के सामने सिंचाई की समस्या बनी हुई है, और 20 हेक्टेयर सिंचित भूमि बंजर में तब्दील हो चुकी है।
इनका कहना है –
सूचना के अधिकार में सिंचाई विभाग से मिली जानकारी में नहर के मरम्मत पर 22 लाख खर्च बताया गया है। बावजूद साइड पर कोई काम ही नहीं हुआ है। सरकार को नहर के मरम्मत के नाम पर गोलमाल करने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -शांति प्रसाद,आरटीआई कार्यकर्ता।
यह मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। नहर पर कितनी धनराशि खर्च एवं काम कितना हुआ इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। – भगवती प्रसाद पुरोहित, जेई सिंचाई विभाग घनसाली।
