
पालमपुर (कांगड़ा)। गेहूं की फसल के बेहतर उत्पादन के लिए बारिश की आस लगाए बैठे किसानों को अभी तक मायूसी झेलनी पड़ेगी। आने वाले चार दिन तक बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। जिला कांगड़ा में नौ नवंबर को 3.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जिसके बाद अभी तक बारिश नहीं हुई है। इससे गेहूं की फसल को सूखे की मार झेलनी पड़ रही है। इस साल नवंबर के बाद 39 दिन तक बारिश नहीं हुई है। इससे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर माह में सर्दियों की बारिश के बीच 1975 में 68, 2002 में 82 और 2005 में 71 दिन तक बारिश नहीं हुई थी।
सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकारों ने किसानों की बेहतरी के लिए भले ही कई कदम उठाए हों, लेकिन अभी भी प्रदेश की 82 प्रतिशत भूमि अभी भी बारिश पर निर्भर करती है। लिहाजा, प्रदेश में सूखे से निपटने के लिए सिंचाई संसाधनों की और जरूरत है। इसके लिए किसानों को भी प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेना होगा। कृषि विवि के प्रसार निदेशक डा. वाईएस पाल ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न भागों में 22 दिसंबर तक बारिश की संभावना नहीं है।
