200 करोड़ की सड़कों पर काम बेहद सुस्त

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़कों के निर्माण की धीमी गति पर तलख प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को सात दिन में प्लान सौंपने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में भाग्य रेखा के निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग ने समीक्षा बैठक की। इसमें केंद्र सरकार से स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य में हो रही देरी से लेकर आवंटित राशि को खर्च करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिमाचल में सड़क निर्माण के लिए कलेंडर वर्ष में जो भी लक्ष्य दिए हैं, उसके हासिल करने के लिए सभी चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंताओं को सात दिन में प्लान सौंपने होंगे।
प्रदेश में पीएमजीएसवाई, नाबार्ड और विश्व बैंक प्रायोजित सड़कों का निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया कि केंद्र ने पिछले डेढ़ साल में 400 करोड़ के लगभग सड़कों को मंजूरी दी है। इनमें से डेढ़ सौ सड़कें ऐसी हैं, जिनके कार्यों का अभी तक आवंटन नहीं हो सका है। इन कार्यों को शीघ्र ही आवंटित कर पूरा किया जाना चाहिए। इसके साथ ही जिन सड़कों का काम चल रहा है, उन्हें भी समय पर परा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग नरेंद्र चौहान ने कहा कि अधिकारियों को प्लान तैयार करने के लिए कहा है। इस बार बरसात का सीजन लंबा रहा, इससे कार्य प्रभावित रहा है। इसके बावजूद विभाग अपने स्तर पर लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

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