
शिमला। नगर निगम के मर्ज एरिया में वर्ष 1992 से पहले बनाए गए भवनों के मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। मनोनीत पार्षद संजय परमार की मांग पर नगर निगम के सदन ने हजारों भवन मालिकों को राहत देते हुए उन्हें घरेलू दरों पर पानी और बिजली कनेक्शन देने का प्रस्ताव पारित किया है।
पंचायत क्षेत्रों से नगर निगम में शामिल किए क्षेत्रों में हजारों की संख्या में ऐसे भवन हैं जिनके नक्शे पास नहीं हैं। इस कारण उन्हें व्यावसायिक दरों पर बिजली और पानी के कनेक्शन दिए गए हैं।
मर्ज एरिया वार्ड कसुम्पटी, ढली, मल्याणा, चम्याणा, पटयोग और टुटू को वर्ष 1992 में साडा के तहत लाया गया। वर्ष 1996 में इन क्षेत्रों को नगर निगम में मिलाया गया था। इससे पूर्व ये सभी क्षेत्र पंचायतों के तहत आते थे। ऐसे में यहां भवन निर्माण के नियम सख्त नहीं थे। नगर निगम में शामिल होने के बाद से इन क्षेत्रों के पुराने भवनों को नक्शे पास नहीं होने के चलते एमसी ने व्यावसायिक दरों पर बिजली और पानी के कनेक्शन दिए हैं। पार्षद संजय परमार ने सदन में कहा कि पंचायतों से निगम में शामिल किए गए क्षेत्रों के भवनों को निगम के नियमानुसार नियमित करना अब असंभव है। हजारों लोगों पर व्यावसायिक दरें भारी पड़ रही हैं। ऐसे में निगम सदन को जनहित में फैसला लेते हुए साल 1992 से पूर्व बनाए गए भवनों को घरेलू कनेक्शन देने चाहिए। निगम सदन ने भी जनहित में फैसला लेते हुए हजारों लोगों को राहत प्रदान की है।
