
धर्मशाला। नवजात शिशुओं को होने वाली पीलिया, निमोनिया और डायरिया बीमारी का इलाज अब नजदीकी अस्पतालों में ही संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग जिला के 18 अस्पतालों में न्यू बोर्न सिक केयर यूनिट स्थापित करेगा। अस्पतालों में न्यू सिक केयर यूनिट स्थापित होने के बाद शिशुओं को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में नहीं ले जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग का यूनिट स्थापित करने वाली कंपनियों के साथ करार हो चुका है। यूनिट स्थापित करने पर स्वास्थ्य विभाग करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है।
इससे पहले नजदीकी अस्पताल में केयर यूनिट स्थापित न होने के कारण शिशुओं को इलाज के लिए बड़े स्तर के अस्पतालों में इलाज के लिए ले लाया जाता था। इस कारण इलाज पर अतिरिक्त धन भी लोगों को खर्च करना पड़ रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने कुछेक अस्पतालों में यूनिट स्थापित कर शिशुओं का इलाज भी शुरू कर दिया है। इन यूनिटों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इनमें अब आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं।
सीएमओ डा. बीएम गुप्ता ने बताया कि 18 अस्पतालों में सिक केयर यूनिट स्थापित की जा रही हैं। कुछेक यूनिट को अपग्रेड किया जा रहा है। यूनिट स्थापित होने के बाद शिशुओं का इलाज नजदीकी अस्पताल में ही संभव हो सकेगा।
इन अस्पतालाें में मिलेगी सुविधा
स्वास्थ्य विभाग खैरा, पालमपुर, चढियार, पंचरुखी, डाडासीबा, कांगड़ा, देहरा, पालमपुर, बैजनाथ, इंदौरा, रैहन, गंगथ, ज्वालामुखी, नगरोटा सूरियां, नगरोटा बगवां और नूरपुर में न्यू बोर्न सिक केयर यूनिट स्थापित करने की तैयारी में है।
