17 मीट विक्रेताओं के आवेदन खारिज

रुद्रपुर। मीट विक्रेताओं द्वारा लाइसेंस के लिए प्रस्तुत किए गए आवेदन पत्रों की जांच में 17 आवेदन खारिज हो गए। जबकि प्रथम चरण 19 विक्रेताओं का लाइसेंस जारी करने की संस्तुति की गई है। शहर में धड़ल्ले से मानकों के विपरीत और सड़कों पर अतिक्रमण कर मीट बेचा जा रहा है। इस पर नगर निगम और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने कई बार अभियान चलाकर सड़ा गला मीट नष्ट भी किया। लेकिन मीट विक्रेताओं पर इसका कोई असर नहीं हुआ। बाद में नगर निगम की मुख्य नगर अधिकारी निधि यादव ने सख्ती दिखाते हुए बिना लाइसेंस के मीट न बेचने के निर्देश दिए थे। एमएनए की सख्ती को देखते हुए 104 मीट विक्रेताओं ने लाइसेंस के लिए नगर निगम में आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। जिसमें से 17 लोगों के आवेदन स्थाई दुकान न होने, मीट बेचने के लिए जाली की सुविधा न होने व अन्य कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं। एमएनए ने जांच के बाद प्रथम चरण में 19 विक्रेताओं को लाइसेंस दिए जाने की संस्तुति की है। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अविनाश खन्ना ने बताया कि शेष आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है। जिसके पास मीट बेचने के लिए पक्की दुकान नहीं होगी उसे लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

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