

सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन रामसुभग सिंह ने इस योजना को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस संदर्भ में सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पर्यटन विभाग के सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए बीते दिनों ही इस तरह का प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाने से पहले कई होम स्टे संचालकों से बात की गई है।
100 से अधिक होम स्टे संचालकों ने इस प्रस्ताव को लेकर रजामंदी जताई है। अन्य संचालकों से भी बातचीत चल रही है। प्रस्ताव के तहत जल्द होम स्टे संचालकों का सारा रिकॉर्ड राज्य पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
जब भी कोई सैलानी पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट पर जाकर कमरों की बुकिंग करेगा तो उसे होम स्टे का लिंक भी मिलेगा। इस पहल से होम स्टे संचालकों की राह आसान होगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन रामसुभग सिंह ने बताया कि जल्द इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
अब चार कमरों तक पंजीकृत होंगे होम स्टे
होम स्टे योजना के तहत शहरी निकायों के बाहर पंचायत क्षेत्र में लोग पर्यटन विभाग से अनुमति लेकर अपने घर में होम स्टे चला सकते हैं। होम स्टे संचालक से टैक्स नहीं लिया जाता है। होम स्टे योजना के तहत पर्यटन विभाग कमरों को पंजीकृत करता है।
इसे लोगों को घरों में ही चलाना होता है। पर्यटकों को ग्रामीण माहौल मिले, उसे घर का खाना मिले और वह गांव की संस्कृति को जान सके, इसके लिए पर्यटकों को अधिकतम 2500 रुपये तक का भुगतान करना होता है। अगर सुविधा सामान्य हो तो एक हजार से दो हजार तक भी होम स्टे में कमरे मिलते हैं।
