14वें वित्तायोग के लिए खड़े पांव सरकार

शिमला। हिमाचल सरकार 14वें वित्तायोग के दौरे से पहले अलर्ट पर है। देश का 14वां वित्तायोग 12 से 15 अगस्त तक राज्य के दौरे पर आ रहा है। कुल 5 सदस्यीय वित्त आयोग अध्यक्ष वाईवी रेड्डी की अगुवाई में नई दिल्ली से राज्य हेलिकॉप्टर के माध्यम से 12 अगस्त को शिमला पहुंचेगा। इसकी तैयारियों की कमान यहां मुख्य सचिव सुदृप्त राय ने खुद संभाली है। सोमवार को मुख्य सचिव ने इन्हीं तैयारियों और वित्तायोग के सामने रखे जाने वाले मेमोरेंडम के लिए सभी महकमों के अफसरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
हिमाचल को 13वें वित्तायोग की सिफारिशों से भारी क्षति हुई थी। राज्य का वेतन पर खर्च कुल राजस्व व्यय का 59 फीसदी है, जबकि वित्तायोग ने इसे सिर्फ 35 फीसदी पर बांध दिया था। अब इस 24 फीसदी के अंतर को राज्य सरकार को खुद संभालना पड़ रहा है। 13वें वित्तायोग की सिफारिशों का असर 31 मार्च 2015 तक रहेगा। इसके बाद अगले पांच साल के लिए 14वें वित्तायोग की सिफारिशें लागू होंगी। इसलिए इस बार वित्तायोग में हिमाचल का पक्ष सही तरीके से रखा जाए, इसलिए वित्त विभाग भी काफी मेहनत कर रहा है। वित्तायोग की आवभगत के लिए लायजन अफसरों की टीम लगाई गई है। वित्त विभाग ने इससे पहले ही विभिन्न विभागों से आंकड़े जुटाने के लिए पहले ही ओएसडी की अलग से नियुक्ति कर रखी है।
शिमला से किन्नौर तक जाएगा वित्तायोग
12 अगस्त 2013 : वित्त आयोग 12 अगस्त को शिमला पहुंचेगा और शिमला शहर की भीड़ कम करने की प्रस्तावित परियोजनाओं के स्थलों का दौरा करेगा। लिफ्ट के पास प्रस्तावित टनल, आईजीएमसी परिसर से डेंटल और नर्सिंग कालेज को शिफ्ट करने जैसे प्रोजेक्टों के लिए साइट विजिट होगा। शाम को मुख्य सचिव सुदृप्त राय इस दल को डिनर देंगे।
13 अगस्त 2013 : सुबह 10.00 से 1.00 बजे तक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक होगी। 2.00 से 3.00 बजे के बीच ट्रेड एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से चर्चा तय हुई है। 3.00 से 4.00 बजे के बीच शहरी निकायों और पंचायतों के प्रतिनिधियों से आयोग बात करेगा और उसके बाद राजनीतिक दलों से मुलाकात होगी। शाम को सीएम का डिनर है।
14 अगस्त 2013 : वित्तायोग किन्नौर जिले के दौरे पर जाएगा। रिकांगपिओ और पूह का दौरा होगा। इस दौरान यह दल कशांग-जंगी सिंचाई योजना, पांगी-थोपन निर्माणाधीन सड़क और रिकांगपिओ के निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम का दौरा करेगा। इसी दिन शाम को यह दल शिमला लौट आएगा और अगले दिन 15 अगस्त की सुबह नई दिल्ली लौटेगा।
वित्तायोग के हिमाचल दौरे से पहले सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हमें आयोग को यह एहसास करवाना है कि हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय और अन्य इंडीकेटर्स पर न जाएं। यहां जीवन जीने की लागत ज्यादा है। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क निर्माण पर होने वाला खर्च भी अन्य राज्यों से ज्यादा है, इसलिए वित्त पोषण भी उसी अनुपात में किया जाए। -डा. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव (वित्त) हिमाचल सरकार।

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