
शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में अब नए सिरे से परिवारों का सर्वे होगा। 13 साल पहले हुए सर्वे के बाद बने नए भवनों को एक मुश्त हाउस टैक्स अदा करना पड़ेगा। आमदनी बढ़ाने के लिए नगर पंचायत यह कदम उठाया है। घर के व्यवसायिक एवं घरेलू प्रयोग के हिसाब से हाउस टैक्स लगेगा। कस्बे में नई असेसमैंट के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसकी बाकायदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दुकानें चलाकर और किरायेदार रखकर मोटी कमाई करने वालों का हाउस टैक्स वार्षिक आय के आधार तय किया जाएगा।
नगर पंचायत तलाई ने आय की बढ़ोतरी के लिए क्षेत्र के सातों वार्डों में नए सिरे से सर्वे करने का निर्णय लिया है। इस सर्वे में नए बनाए गए भवनों को भी शामिल किया जाएगा। पुराने भवनों में किए सुधार की पैमाइश कर टैक्स निर्धारित किया जाएगा। नगर पंचायत के सात वार्ड में करीब 600 परिवाराें रहते हैं। 2500 की आबादी वाले इस प्रमुख धार्मिक स्थल पर करीब 25 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुख सुविधाएं जुटाने के लिए नगर परिषद को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। वर्ष 1999-2000 मेेेें यहां भवनाें की पैमाइश की गई थी। उसी के आधार पर लोगों से हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। हर वर्ष 5,21, 452 रुपये की आमदनी नगर परिषद को यहीं से होती है। आमदनी बहुत कम होने के कारण अब नया सर्वे करने का निर्णय लिया गया है। अब नए सर्वे के बाद हाउस टैक्स में इजाफा होने की उम्मीद है। नगर पंचायत तलाई के सचिव अशोक शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सर्वे के आदेश दिए गए हैं। जब से भवन बना होगा उसी वर्ष से हाउस टैक्स उस मालिक को देना होगा।
