
धर्मशाला। जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष श्रेष्ठा कौंडल की अध्यक्षता में हुई। इसमें 13वें वित्त आयोग के अंतर्गत कांगड़ा जिला के लिए 3 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई। इसमेें 5-5 लाख रुपए की राशि प्रत्येक जिला परिषद सदस्यों को क्षेत्र में विकास के लिए आवंटित की जाएगी।
उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वह अपने क्षेत्र में विकास के लिए शेल्फ तैयार करके एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें, जिससे धनराशि उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने जिला परिषद के साथ जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि परिषद द्वारा जारी राशि से चलाए जा रहे विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करें। उन्होंने बताया कि मार्च 2013 से जून तक जिला परिषद की कुल आय 53 लाख हुई। इसमें 44 लाख रुपए की राशि कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य कार्यों पर व्यय की गई है। समिति के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से आय-व्यय की राशि को अनमोदित किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त रोहन ठाकुर ने परिषद के सदस्यों को बताया कि कांगड़ा जिला में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्यों में चालू वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा चुकी है। मनरेगा की धनराशि का उचित उपयोग करने के लिए प्रदेश में प्रथम स्थान भी प्राप्त हुआ है। जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र धीमान ने जिला परिषद के माध्यम से चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उपाध्यक्ष जगदेव सिंह के अतिरिक्त परिषद के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
जीवित प्रमाणपत्र 20 अगस्त तक करवाएं जमा
धर्मशाला। जिला कोष अधिकारी राज बहादुर गिरी ने कहा कि पेंशनरों तथा फेमिली पेंशनधारकों के जीवित प्रमाण-पत्र पहली जुलाई से 20 अगस्त तक संबंधित ट्रेजरी में जमा किए जाएंगे। जिला कांगड़ा से संबंधित सभी पेंशनर्स एवं फैमिली पेंशनर्स के लिए विभाग द्वारा जीवित प्रमाण पत्र, पुनर्विवाह, पुन: रोजगार करने अथवा न करने और फैमिली पेंशनर्स के लिए आयु प्रमाण पत्र संबंधित ट्रेजरी में 20 अगस्त तक लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त आयकर सीमा के अंतर्गत आने वाले पेंशनर्स के लिए पैन नंबर भी ट्रेजरी में देना अनिवार्य है।
