
गैहरा (चंबा)। शिक्षा खंड गैहरा के अंतर्गत तीन मिडल स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। इस कारण 123 के करीब स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजकीय मिडल स्कूल उसलाड, अगाहर और ग्राउंडी में तीन साल से अध्यापकों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। मिडल स्कूल ग्राउंडी में टीजीटी नॉन मेडिकल का पद पिछले तीन सालों से खाली पड़ा हुआ है। इस कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 60 के करीब बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। इसके अलावा उसलाड़ स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल, शास्त्री और पीईटी का पद पिछले तीन साल से रिक्त पड़ा हुआ है। इस स्कूल में 28 के करीब छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में अध्यापकों की कमी होने के कारण छात्रों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा है। इसके साथ ही मिडल स्कूल अगाहर में टीजीटी नॉन मेडिकल और शास्त्री के पद पिछले चार सालों से खाली पड़े हुए हैं। इसके कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 35 बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। अभिभावक शिवचरण, देव राज, बलरदेव राम, प्यार चंद, इंद्रो देवी, कायां देवी, भगत राम, मान सिंह, बीना देवी, महाजन राम, सोभिया राम, गुड्डो देवी और रेणूका ने बताया स्कूल में अध्यापक न होने के कारण स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार से मांग की है कि स्कूल में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों को जल्द भरा जाए। उधर, शिक्षा विभाग के डिप्टी डीओ ओपी हीर ने बताया कि स्कूल में रिक्त चल रहे अध्यापकों के पदों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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स्थिति कुछ इस तरह…
मिडल स्कूल ग्राउंडी में टीजीटी नॉन मेडिकल का पद पिछले तीन सालों से खाली है। इसके अलावा उसलाड़ स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल, शास्त्री और पीईटी का पद पिछले तीन साल से रिक्त पड़ा हुआ है। इसके साथ ही मिडल स्कूल अगाहर में टीजीटी नॉन मेडिकल और शास्त्री के पद पिछले चार सालों से खाली पड़े हुए हैं
