12 साल बाद महिला पर तेजाब फेंकने वाला बंदी

देहरादून। विवाहिता के चेहरे पर तेजाब फेंककर फरार हुआ आरोपी 12 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। वह नेपाल के एक गांव में छुपकर रह रहा था और शनिवार को दून पहुंचा था। तभी सूचना पर एसटीएफ ने उसे धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार सन 2001 में थाना कैंट निवासी एक विवाहित महिला संग संत बहादुर उर्फ संता पुत्र स्व दशरथ का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हो गई। एक दिन महिला ने डाकरा बाजार में ही संत बहादुर की चप्पल से पिटाई कर दी। इससे नाराज संत बहादुर ने महिला के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार वह गया। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। शिकायत के आधार पर कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में जब पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं सकी तो मामला एसटीएफ को सौंपा गया। एसएसपी एसटीएफ सैंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नेपाल के जिला नारायणघाट, गांव चितवन में नाम बदल कर रह रहा था। 12 साल बीत जाने के बाद उसे लगा कि अब सब कुछ सामान्य हो गया होगा तो शनिवार को वह दून लौटा। तभी एसटीएफ की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे पकड़ने वाली टीम में एसआई संतोष शाह, कांस्टेबल महेंद्र सिंह, आशीष शर्मा, वेदप्रकाश शामिल रहे।

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