10000 रुपये मासिक मानदेय मांगा

बिलासपुर। भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई बिलासपुर की बैठक रविवार को दनोह के गोपा मंदिर में हुई। इस बैठक में मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान होशियार सिंह ने की। इस अवसर पर इकाई के समस्त पदाधिकारी व सदस्य भी उपस्थित थे।
जिलाध्यक्ष होशियार सिंह ने कहा कि महंगाई के इस दौर में मजदूरों को नाममात्र भत्ता दिया जा रहा है। बैठक में मजदूरों को कम से कम दस हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन देने की मांग को लेकर प्रमुखता से आवाज उठाई गई। वहीं, पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ पर भी संघ के सदस्यों ने तल्खी जताई। सदस्यों का कहना है कि एसीसी बरमाणा में कार्यरत सभी श्रमिकों को कैंटीन, बोनस अन्य श्रम कानूनी लाभ देने, ठेका प्रथा अधिनियम 1970 की धारा 10 (2) के अनुसार पक्के किस्म के काम लगे कर्मचारियों को नियमित करने करने की मांग भी मजदूरों ने सरकार से की है। बिरोजा फैक्ट्री में भी ग्रेड पे को बढ़ाकर 1950 करने की मांग को सरकार के समक्ष रखने का बैठक में निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि सीमेंट उद्योगों में जिला के हजारों युवा कार्य कर रहे हैं। इसके अनुसार उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे मजदूरों में भारी रोष व्याप्त है। मनरेगा में जुटे ग्रामीणों को 100 दिन की बजाए साल भर रोजगार मुहैया करवाने की मांग मजदूर संघ ने उठाई है। उन्होंने बताया कि 18 मई को जिला अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसमें लगभग 500 डेलिगेटस भाग लेंगे। इस अवसर पर शिवराम, बाबू राम, इंद्र देव, राजेश, कुमार, देवी राम, नेक राम, जिगरी राम, सुरेश कुमार, रामलाल, संसार चंद, नंदलाल, जगदीश कुमार बाबू राम, प्रवीण कुमार सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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