होलीवासी पावर कमेटी के फैसले से नाखुश

धर्मशाला। जीएमआर कंपनी की 180 मेगावाट की बजोली-होली परियोजना संबंधी विवाद का जायजा लेने भेजी गई कमेटी के रवैये पर सवाल उठाते हुए होलीवासियों ने इसको पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण करार दिया है।
स्थानीयहोली घाटी बचाओ संघर्र्ष समिति के सदस्य राजेंद्र ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि वरिष्ठ सरकारी अफसरों वाली इस कमेटी ने जनता की भावनाओं को दरकिनार कर कंपनी के पक्ष में अपनी रिपोर्ट भेजी है। इसमें लोगों की मांग को सदस्यों ने सरकार के समक्ष सही तरीके से न रखते हुए रिपोर्ट में होलीवासियाें और परियोजना के मध्य उपजा विवाद खत्म होना बताया है। लेकिन, हकीकत यह है कि लोगों में अभी भी प्रोजेक्ट का विरोध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित कमेटी ने 2 अक्तूबर को चंबा जिला व रावी घाटी में स्थित परियोजना क्षेत्र का दौरा किया था। चीफ इंजीनियर पावर सुभाष गुप्ता के नेतृत्व में बनी 4 सदस्यीय कमेटी ने स्थानीय पंचायत प्रधानों व जनता से मुलाकात की थी, जिनमें से अधिकतर ने परियोजना प्रारूप के खिलाफ विचार व्यक्त किए थे। वहीं, संयोजक चमन लाल ने कहा कि यह परियोजना अप्रैल 2010 से ही विवादों से घिरी रही है, जब इस परियोजना के लिए पहली जन सुनवाई हुई थी तो जनता परियोजना की सुरंग के आबादी व हरियाली वाले क्षेत्र के हस्तांतरण के विरोध में थी। उन्होंने कहा कि सुरंग का निर्माण चट्टान की तरफ से किया जाए।

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