हिमालय के लिए अलग नीति बनाने की जरूरत: निशंक

अल्मोड़ा/बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल है। सरकार आज तक केदारनाथ में मारे गए लोगों की सही संख्या बताने की स्थिति में नहीं है। राज्य के अन्य स्थानों में आई आपदा से निपटने के लिए भी ठोस कार्य नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा हिमालय क्षेत्र के लिए अलग नीति बनाए बगैर यहां का सही विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जर्बदस्त हार का सामना करना पड़ेगा।
यहां एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डा. निशंक ने कहा कि केदारनाथ में इतनी बड़ी त्रासदी के बाद सरकार ने बचाव और राहत कार्यों में जो कोताही बरती है उससे पूरे देश में राज्य की बदनामी हुई है। उन्होंने खुद सरकार के नुमाइंदों से पहले केदारनाथ पहुंचकर प्रधानमंत्री से फोन पर बात करके वहां के हालातों से अवगत कराया था। इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने समय पर कदम नहीं उठाए और सेना को भी काफी बाद में भेजा गया जिससे हालातों पर काबू पाना मुश्किल हुआ।
डा. निशंक ने कहा कि हिमालय क्षेत्र के लिए अलग नीतियां बनाए बगैर हिमालय का सही विकास नहीं हो सकता। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में हिमनद प्राधिकरण गठित किया था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे खत्म कर दिया। इसके अलावा स्पर्श गंगा बोर्ड, मुख्यमंत्री हरित योजना सहित कई कार्यक्रम शुरू किए थे। जड़ी बूटी प्रदेश घोषित करते हुए वन पंचायतों और स्थानीय लोगों को जोड़कर काम करने की योजना बनाई थी लेकिन यह सब काम आज ठप हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद बलराज पासी, सोमेश्वर के विधायक अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम आर्य, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ललित लटवाल, पंकज जोशी, भुवन वर्मा, राजीव राज गुरुरानी आदि मौजूद थे।
उधर श्री पोखरियाल गढ़वाल जाते वक्त कुछ देर बागेश्वर में रुके। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की। लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आपदा से निपटने में नाकाम रही। उसे सत्ता में बने रहने का हक नहीं है। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। आपदा पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए। जिसमें मृतकों की संख्या, पशु हानि, अधिकारियों की लापरवाही, पुनर्वास की स्थिति सहित सभी चीजों का उल्लेख होना चाहिए। इस मौके पर विधायक चंदन राम दास, जिलाध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, बसंत बल्लभ पांडे, राजेंद्र उपाध्याय, सुरेश कांडपाल, हीरा धपोला आदि भी उपस्थित थे।

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