हिमाचल सरकार अब शौर्य पुरस्कार विजेता को देगी एक मुश्त 30 लाख

  • मंत्रिमंडल : अब शौर्य पुरस्कार विजेताओं को मिलेंगे एकमुश्त 30 लाख
शिमला:(वीरेन्द्र खागटा )  हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शौर्य पुरस्कार विजेताओं को दिए जाने वाले वित्तीय लाभों को संशोधित करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत प्रदेश में परमवीर चक्र व अशोक चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुदान राशि को 25 बढ़ाकर 30 लाख रुपए एकमुश्त किया गया है। इसी तरह वार्षिक भत्ते को 1.25 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए किया गया है। इसके साथ ही महावीर चक्र विजेताओं को मिलने वाले एकमुश्त अनुदान को 15 से बढ़ाकर 20 लाख रुपए तथा वार्षिकी को 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बजट भाषण में यह घोषणाएं की थीं, जिस पर अब मोहर लगा दी गई है। प्रदेश में लंबे समय से शौर्य पुरस्कार विजेताओं को दिए जाने वाले वित्तीय लाभों को संशोधित करने की मांग उठ रही थी। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मोहर लगा दी गई। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने अन्य शौर्य पुरस्कार विजेताओं की वार्षिकी बढ़ाने को भी स्वीकृति दी।
पावर प्रोजैक्टों में गैर-हिमाचली प्रमोटरों की भागीदारी बढ़ी
मंत्रिमंडल की बैठक में 2 मैगावाट क्षमता तक की परियोजनाओं का 26 फीसदी से 49 फीसदी तक हिस्सा गैर-हिमाचली प्रमोटरों को बेचने/हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 2 से लेकर 5 मैगावाट क्षमता की परियोजनाओं की 49 फीसदी से 51 फीसदी की भागीदारी गैर-हिमाचली प्रमोटरों को बेचने/हस्तांतित करने पर त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करते समय 25,000 रुपए का शुल्क प्रति मैगावाट की दर से परियोजना के हस्तांतरण करने पर जमा करवाना होगा। इस निर्णय को जलविद्युत नीति-2006 में भी शामिल किया जाएगा।
शिमला, कांगड़ा व मंडी के प्रोजैक्टों को किया रद्द
मंत्रिमंडल ने कुछ प्रोजैक्टों को दिशा-निर्देश के अनुसार पालन न होने पर इसे रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शिमला जिला के सेरीनाला लघु जलविद्युत परियोजना (2.50 मैगावाट), कांगड़ा के मलिन-2 (0.50 मैगावाट), मंडी जिला की टिक्कर (1.00 मैगावाट) तथा कांडी (0.90 मैगावाट) परियोजनाओं को हिम ऊर्जा की सिफारिश के अनुसार दिशा-निर्देशों के पालन में असफल रहने के कारण रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य केंद्रों को किया स्तरोन्नत
मंत्रिमंडल ने पालमपुर के थुरल के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र कोटलू को स्तरोन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और इसकेलिए 3 पदों को सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह सिरमौर जिला के हाब्बन स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने तथा यहां 3 पदों को सृजित करने की मंजूरी प्रदान की है। बिलासपुर जिला के पेहड़वीं में स्वास्थ्य उपकेंद्र तथा मैहरी-काथला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप स्वास्थ्य उपकेंद्र पेहड़वीं में 2 पद तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैहरी-काथला में 3 पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सोलन जिला के गुलरवाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने व यहां 3 पद सृजित करने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामशहर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री की एक अन्य घोषणा के अनुरूप शिमला जिला के मैहली गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने तथा 2 पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।
आईजीएमसी में 4 पद स्तरोन्नत
आईजीएमसी शिमला के विभिन्न विभागों में संकाय के 4 पदों को स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। इससे डा. वाईएस परमार राजकीय मैडीकल कालेज नाहन में वरिष्ठ संकाय सदस्यों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि नाहन मैडीकल कालेज के सफल संचालन के लिए इस समय मैडीकल स्टाफ की कमी खल रही है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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