

पहली घटना सोलन की है। यहां सरसा नदी को पार करते वक्त एक श्रमिक तेज बहाव में बह गया। घटना रात करीब दस बजे की है। इसी दौरान तीन और लोग भी तेज बहाव की चपेट में आ गए लेकिन इन्होंने किसी तरह जान बचा ली।
ये सभी काम के बाद घर लौट रहे थे। ग्रामीणों और पुलिस के साढ़े तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद घटनास्थल से डेढ़ किमी दूर नानोवाल में युवक का शव पत्थरों के बीच से बरामद किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
मलबे में दबकर मजदूर की मौत

वहीं, रामपुर में लगातार बारिश से पब्बर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने चिड़गांव से सनैल तक के करीब 32 किलोमीटर क्षेत्र में नदी तट पर बने घरों और झोंपड़ियों में रह रहे लोगों को स्थान खाली करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार रात को हुई भारी बारिश से शिमला-किन्नौर एचएच बंद हो गया है। वहीं, नोगती खड्ड में बने बिजली बोर्ड के प्रोजेक्ट के पास पत्थर गिरने से पावर चैनल क्षतिग्रस्त हो गया है।
लारजी डैम के गेट खोले, उत्पादन ठप

डैम से पानी छोड़ने से पहले परियोजना प्रबंधन की ओर से थलौट और निचले क्षेत्रों में लाउड स्पीकर और सायरन बजा कर लोगों को अलर्ट किया गया। लारजी डैम से सभी गेट खोलने से पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ने पर बीबीएमबी प्रबंधन को तीन गेट खोल कर पानी छोड़ना पड़ा।
