
शिमला

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर बुधवार राजधानी शिमला सहित प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों की धूम रही। नगर निगम शिमला की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के रिज मैदान, मालरोड समेत कई वार्डों में सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम स्वच्छता प्रहरी प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत 13 लोगों को नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

शहर के हजारों लोगों ने शपथ फार्म भरकर नगर निगम में जमा करवाए हैं। लक्की ड्रॉ के जरिये विजेताओं का चयन किया गया। सीएम जयराम ठाकुर इन विजेताओं को सम्मानित किया। इनमें सबसे ज्यादा प्लास्टिक इकट्ठा करने वाले 34 सर्वश्रेष्ठ सफाई कर्मचारियों को भी नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रिज मैदान पर नगर निगम सफाई व्यवस्था से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें प्लास्टिक कचरा बोतलों में इकट्ठा करने, गीला सूखा कचरा अलग रखने की मुहिम के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। राज्यपाल व सीएम ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सुबह स्कूली विद्यार्थियों ने रिज पर रैली निकाली। विद्यार्थी संजौली, छोटा शिमला, चौड़ा मैदान, ऑकलैंड से स्वच्छता का संदेश देते हुए रिज तक पहुंचे। इसके बाद रिज पर स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व सीएम जयराम ठाकुर ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान रिज पर भजन कीर्तन, हस्ताक्षर अभियान और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक, बुक का भी लोकापर्ण किया गया। इस दौरान सीएम जयराम ने सीएम ने 75 रुपये प्रति किलो प्लास्टिक खरीद समेत कई योजनाएं शुरू की।

समारोह के अंत में राज्यपाल और सीएम की अगुवाई में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय , सीएम जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मेयर कुसुम सदरेट ने दौलत सिंह पार्क में झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। रेलवे स्टेशन पर भी सफाई अभियान चलाया गया।

वहीं, महात्मा गांधी की150 जयंती पर कांग्रेस ने भी प्रदेशभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कामों को याद किया। राजधानी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली। कांग्रेसजनों ने बाबू के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में उपनेता आनंद शर्मा, विधायक सुखविंदर सुक्खू भी मौजूद रहे। IST

02 अक्तूबर 2019 को पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगा। हिमाचल में जगह-जगह अलग-अलग तरीकों से बापू की जयंती मनाने की तैयारी है। देवभूमि हिमाचल विशेषकर शिमला से बापू का गहरा नाता रहा। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दौरान महात्मा गांधी ने कई बार शिमला की यात्राएं कीं। अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के कारण महात्मा गांधी को वार्ता के लिए कई बार शिमला का रुख करना पड़ा था।

इतिहास के गर्भ में छिपे कई महत्वपूर्ण फैसले राजधानी शिमला में ही हुए। महात्मा गांधी पहली बार शिमला मदन मोहन मालवीय और लाला लाजपत राय के साथ 12 मई 1921 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रीडिंग से मिलने आए थे। वह यहां जाखू इलाके में स्थित लाला मोहनलाल के बंगले पर भी रुके थे। 1931 में वायसराय लार्ड वेलिंग्टन से मिलने भी आए थे।
