
चंबा। बैंकों के एटीएम से जैसे पैसा निकलता है, उसी तर्ज पर हिमाचल में अब वाटर एटीएम से पीने का साफ पानी भी निकाला जाएगा। राज्य सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग (आईपीएच) इस प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर शिमला और धर्मशाला से शुरू करेगा। सफलता मिली तो पूरे प्रदेश में इसे शुरू किया जाएगा। हालांकि अभी यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा। मंजूरी मिली तो 30 या 50 पैसे में एक लीटर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक लोगों के लिए वाटर एटीएम कार्ड की व्यवस्था होगी। लोग जितना पानी चाहें, उतना ले सकेंगे। इस कार्ड को मोबाइल कूपन की तरह रिचार्ज करवाने की व्यवस्था होगी। हिमाचल में खासकर शिमला शहर में दूषित पानी से पीलिया की समस्या हर साल होती है। कई अन्य क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल के न मिलने पर जल जनित रोगों की समस्या है। उन्होेंने कहा कि इसी तरह के कान्सेप्ट पर पहले कर्नाटक और गुजरात में भी काम हो चुका है। विभाग ने इस योजना के लिए संबंधित कंपनी से बात कर ली है। इस मशीन को आमतौर पर वाटर एटीएम कहा जाता है।
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डिमांड पर चंबा में भी शुरू करेंगे योजना
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता चंबा एसके चौधरी ने बताया कि विभाग की वाटर एटीएम स्कीम को शुरू करने की योजना है। इस स्कीम को प्रदेश के बड़े शहरों में शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगर चंबा के लोग इस स्कीम के माध्यम से पानी लेना चाहेंगे तो इसके लिए उन्हें डिमांड करनी पड़ेगी। उसके बाद जिले में भी इस स्कीम को शुरू किया जा सकता है।
