

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सेवा विस्तार मामले पर विधि विभाग से राय मांगी है। सरकार ने फटकार के साथ निदेशालय को सेवा विस्तार का प्रस्ताव वापस भेज दिया है। सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों की जानकारी न देने और सभी तथ्यों को ध्यान में नहीं रखते हुए प्रस्ताव तैयार का निदेशालय के अधिकारियों पर आरोप लगाया है। ऐसे में अब नये सिरे से प्रस्ताव बनाने में जुटे प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कानूनी राय लेने का फैसला लिया है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने ये कहा

ऐसे में छात्र हित में सरकार जल्द सेवा विस्तार दे। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से एसएमसी शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 300 से ज्यादा प्राइमरी, मिडल और हायर स्कूल सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के जिन स्कूलों में नियमित शिक्षकों से जाने से इंकार किया वहां एसएमसी शिक्षक गए हैं।
