
ऊना
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर पद्मश्री चरणजीत सिंह ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह गौरवान्वित करने वाले पल हैं। मेहनत के दम पर टीम ने मेडल जीता है। इस जीत के साथ आने वाला समय खिलाड़ियों के लिए और बेहतर होगा।
बातचीत में पद्मश्री चरणजीत सिंह ने कहा कि टीम ने कड़ी चुनौतियों को पार कर मेडल जीता है। इसके लिए सभी टीम सदस्यों और भारतीयों को बधाई। गोल्ड मेडल से चूकने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि भाग्य भी खेलता है। टीम ने अपनी तरफ से बेस्ट दिया है। इसी का नतीजा आप सब के सामने है।
राष्ट्रीय खेल हॉकी में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद हिमाचल में खेल के आधारभूत ढांचे में कमियों को लेकर उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रतिभा को निखारने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करना होगा। हिमाचल के खिलाड़ी पंजाब में बनते हैं।
सरकार को चाहिए कि खिलाड़ियों को हर सुविधा दी जाए। बता दें कि पद्मश्री चरणजीत सिंह ने खुद गुरदासपुर में हॉकी खेल के गुर सीखे हैं। उन्होंने महिला टीम के भी शानदार प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि महिला टीम ने भी बेहतरीन खेला है।
आक्रामक अंदाज ने दिलाई जीत: भूपेंद्र
पद्मश्री चरणजीत सिंह के छोटे भाई और भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय टीम ने आक्रामक तरीके से मैच खेला और जीत दर्ज की। यह आक्रामक अंदाज ही भारतीय टीम को जीत की तरफ ले गया। भारतीय पुरुष टीम को लंबे अरसे बाद बेहतरीन गोलकीपर मिला है। पूरी टीम ने शानदार तरीके से मैच खेलकर भारत की झोली में पदक डाला है। यह खुशी के पल हैं।
