हिमाचल की कंपनी पर 2100 करोड़ रुपये जुर्माना

साेलन

2100 करोड़ का जुर्माना

2100 करोड़ का जुर्माना

हिमाचल में सबसे बड़ा वैट (वेल्यू एडिड टैक्स) फर्जीवाड़ा सामने आया है। नाहन पांवटा की इंडियन टेक्नोमेट इंडस्ट्री को आबकारी एवं कराधान की इकानोमिक्स इंटेलीजेंस यूनिट ने 2100 करोड़ रुपये कर व जुर्माना लगाया है। जुर्माना 15 दिन के भीतर भरना होगा। ऐसा नहीं किया तो कंपनी की संपत्ति सीज ‌की जाएगी।

परवाणु में ईआईयू टीम की बैठक में आदेश्‍ा जारी हुए। एईटीसी ईआईयू शिमला जीडी ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले कंपनी पर 1700 करोड़ का टैक्स और जुर्माना लगाने की तैयारी थी। मगर शुक्रवार को जांच में अनियमितताएं अधिक निकली।

कंपनी पर 1000 करोड़ टैक्स और 1100 करोड़ जुर्माना लगाया गया है। उद्योग संचालक राकेश शर्मा ने कहा कि अभी तक उन्‍हेें कोई आदेश नहीं मिले हैं। यह कंपनी रिफाइंड एलाय बनाती है। इसका इस्तेमाल एयरक्राफ्ट से लेकर हैवी मशीनरी और वाहनों में होता है।

केस में सबसे बड़ा खुलासा

केस में सबसे बड़ा खुलासा

दिल्ली में भी कंपनी के धोखाधड़ी के तार जुडे़ हैं। दिल्ली आबकारी एवं कराधान विभाग के फर्जी एफ फार्म के बलबूते पर कंपनी ने हिमाचल आबकारी एवं कराधान विभाग से रिबेट हासिल की है। एफ फार्म वह है जो स्टाक ट्रांसफर के दौरान दस्तावेजों के साथ लगता है।

यह फार्म उस प्रदेश का आबकारी एवं कराधान विभाग इश्यू करता है, जहां माल ट्रांसफर होना होता है। इस फार्म के साथ संलग्न होने से हिमाचल से स्टाक ट्रांसफर का पर कोई टैक्स नहीं लगता।

चार साल पहले लगा है उद्योग

यूनिट पावंटा साहिब में वर्ष 2009- 10 में करीब 300 बीघा में लगा। मार्च 2014 में आबकारी तथा कराधान विभाग की टीम ने उद्योग में छानबीन शुरू की। इंस्पेक्शन के दौरान रिकार्ड कब्जे में लिए। करीब तीन माह तक यह जांच चली।

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