हिमाचली सेब को 44 देशों की चुनौती

शिमला। हिमाचली सेब को 44 देशों से चुनौती मिल रही है। पिछले दो साल मेें इन देशों से सेब का खूब आयात किया गया। इनमें से सबसे ज्यादा सेब चीन से मंगवाया गया। अमेरिका, चिली, न्यूजीलैंड, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और इटली से सर्वाधिक सेब आयात किया गया। विदेशों से सेब के आयात में वर्ष 2011-12 के मुकाबले 2012-13 में 8.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। आरटीआई में यह खुलासा केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने किया है।
सार्क देश अफगानिस्तान, श्रीलंका, पाकिस्तान तो साउथ एशियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (साफ्टा) की छूट के तहत बिना उत्पाद शुल्क के सेब का आयात कर रहे हैं। अन्य देशों से सेब पर 50 प्रतिशत शुल्क होने के बावजूद धड़ल्ले से आयात हो रहा है। भारत में सेब का सर्वाधिक उत्पादन हिमाचल में होता है। कुछ देशों का सेब तो हिमाचली सेब से कई दर्जे अच्छी गुणवत्ता वाला है, इसलिए इसकी मांग खूब है। फल एवं सब्जी उत्पादक संघ हिमाचल प्रदेश के महासचिव शिमला निवासी बागवान हरीश चौहान को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के निदेशक प्रेमचंद वलेटी ने आरटीआई में जानकारी दी कि 44 देशों से सेब का आयात हो रहा है।

इनसेट
इन 44 देशों से आयात हो रहा सेब
अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, आस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, मिस्र, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हांग कांग, इंडोनेशिया, ईरान, इटली, जापान, कोरिया, लातीविया, मेडागास्कर, मलेशिया, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, ओमान, पाकिस्तान, फिलिपाइंस, पोलैंड, रूस, सेशेल्स, सिंगापुर, स्लोवाक रिपब्लिक, दक्षिणी अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताईवान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूके, यूएसए, यूक्रेन।

इनसेट
इन देशों से सर्वाधिक आयात (वित्त वर्ष 2012-13)
चीन 78,369.55 मीट्रिक टन
अमेरिका 70,129.21 मीट्रिक टन
चिली 22,212.01 मीट्रिक टन
न्यूजीलैंड 18,498.44 मीट्रिक टन
ईरान 6,517.17 मीट्रिक टन
अफगानिस्तान 2895.57 मीट्रिक टन
पाकिस्तान 1,395.04 मीट्रिक टन
इटली 1,028.89 मीट्रिक टन

कोट्स…
‘कई देशों से सेब का आयात हो रहा है। यह बड़ी चुनौती है। डब्ल्यूटीओ वार्ता में सेब को विशेष उत्पाद घोषित करने का मामला मैं पिछले तीन साल से उठा रही हूं। मैंने हाल में भी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को एक और पत्र भेजा है। अगर सेब विशेष उत्पाद नहीं बना, तो आयात और बढ़ जाएगा। यह हिमाचल के सेब कारोबार को नुकसान पहुंचाएगा। बागवानों को भी गुणवत्तायुक्त उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।’
विद्या स्टोक्स, बागवानी मंत्री, हिमाचल सरकार।

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