
केलांग। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में शुक्रवार को सीजन की सबसे अधिक बर्फ बारी रिकार्ड की गई। लाहौल-स्पीति में औसतन ढाई से पांच फुट तक बर्फ गिरने की सूचना है। मौसम के बिगडे़ हालात के बीच प्रशासन ने घाटी में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को घरों से दूर न जाने की सलाह दी है। वहीं, भारी बर्फ बारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को घाटी के सभी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया। जबकि, हिमपात के बाद जिला मुख्यालय केलांग को छोड़ कर अमूमन समूची घाटी में बिजली गुल है। दूरभाष और इंटरनेट सेवा भी चरमरा गई है। उदयपुर के निकट सलपट में हिमखंडों के लुढ़कने के कारण चिनाब नदी का प्रवाह रुक गया है। इससे यहां पर कृत्रिम झील बननी शुरू हो गई है। ताजा बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी के भीतर सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। जिला मुख्यालय केलांग में ढाई, गौशाल में तीन, उदयपुर में तीन, दारचा में तीन और कोकसर में करीब साढे़ तीन फुट हिमपात होने की सूचना है। रोहतांग दर्रा पर करीब पांच फुट बर्फबारी होने का अंदेशा जताया गया है। हालांकि, आगामी सीजन को देखते हुए बर्फबारी को शुभ माना जा रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड और हिमखंडों के लुढ़कने के खौफ से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। उपायुक्त वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी को देखते हुए लोगों को एक गांव से दूसरे गांव न जाने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि तारें क्षतिग्रस्त होेने से घाटी के कई हिस्सों में वीरवार रात से बिजली गुल है।
नायब तहसीलदार उदयपुर देलेग बोध ने बताया कि झील से किसी गांव को खतरा नहीं है। उम्मीद है कि मौसम खुलने पर बर्फ की यह झील पिघलेगी और पानी अपनी दिशा में जाएगा।
