हार का दर्द भुलाकर मजबूती पर जोर

पालमपुर (कांगड़ा)। विधानसभा चुनाव में गुटबाजी के फेर में हार का दंश भुलाकर पालमपुर में तीन दिन तक चले अभ्यास शिविर में भाजपा मिशन-2014 को लेकर मंथन करती देखी गई। हालांकि इस शिविर में विस चुुनाव में भाजपा को मिली हार के कारणों को लेकर किसी ने खुलकर बयां नहीं किया। लेकिन लेकिन इस टीस को भुलाकर पालमपुर में आने वाले लोकसभा चुनावों पर पार्टी को एकसूत्र में पिरोने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय भाजपा नेतृत्व के बीच शुरू हुए इस अभ्यास शिविर में शुक्रवार से लेकर रविवार तक एकजुटता के साथ कांग्रेस के हमलों का जवाब देते रहे और लोकसभा चुनाव पर चर्चा होती रही। इसके चलते प्रदेश भाजपा प्रभारी बलवीर पुंज ने संघ की बातों तक का जिक्र किया कि कैसे पार्टी को दीये की लौ से ऊपर उठाया था। हालांकि उन्होंने शांता-धूमल की ओर इशारा किए बगैर अटल-आडवाणी की जोड़ी का उदाहरण तक दे डाला कि दोनों में बहुत प्यार था और हमेशा इकट्ठे रहे। एक दूसरे की सुनी तो मानी भी। जाहिर था कि उनका इशारा दोनों की ओर था कि दोनों की जोड़ी प्रदेश मेें ऐसी बनी, तो भाजपा को हराने में कांग्रेस के पास दम नहीं। उन्होंने मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं से साफ कहा कि महत्वाकांक्षी राजनीति और पद की लालसा को छोड़ कर राजनीति करनी होगी, तभी पार्टी मजबूत होगी। कार्यकर्ता का पद सबसे बड़ा पद होता है।

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